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Gadget Addiciton: मोबाइल का जाल थकता दिमाग, युवाओं हो रहे डिसीजन फटीग का शिकार, तुरंत निर्णय लेने से जूझती नई पीढ़ी

Gadget Addiciton: अब युवाओं के दिमाग पर भारी पड़ रही है। छोटे-छोटे फैसलों की लगातार भरमार ने युवाओं को ‘डिसीजन फटीग’ यानी निर्णय थकान का शिकार बना दिया है।

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Gadget Addiciton: मोबाइल का जाल थकता दिमाग, युवाओं हो रहे डिसीजन फटीग का शिकार, तुरंत निर्णय लेने से जूझती नई पीढ़ी

युवाओं हो रहे डिसीजन फटीग का शिकार (Photo AI)

Gadget Addiciton: आज की डिजिटल दुनिया में स्मार्टफोन युवाओं की दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। पढ़ाई, मनोरंजन, सोशल कनेक्शन—हर जरूरत के लिए मोबाइल पर निर्भरता तेजी से बढ़ी है। लेकिन यही सुविधा अब धीरे-धीरे समस्या का रूप लेती जा रही है। लगातार स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से दिमाग पर दबाव बढ़ रहा है। हर कुछ मिनट में आने वाले नोटिफिकेशन, मैसेज और अपडेट्स दिमाग को लगातार सक्रिय रखते हैं, जिससे उसे आराम नहीं मिल पाता। इसका असर यह होता है कि युवाओं की एकाग्रता क्षमता घटने लगती है और वे लंबे समय तक किसी एक काम पर फोकस नहीं कर पाते।

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