
Raipur Diya Event: 17 सितंबर को छत्तीसगढ़ में दिवाली से पहले ही दीपों की रोशनी नजर आएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के जनसेवा कार्यों के प्रति आभार और विकसित भारत-2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू किया जाएगा। अभियान के तहत प्रदेशभर में सरकारी इमारतों को दीयों से रोशन किया जाएगा।
रायपुर में कलेक्टर गौरव सिंह ने 25 हजार दीये जलाने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इसमें अधिक से अधिक आम नागरिकों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान केवल सरकारी आयोजन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि लोगों को शासन की योजनाओं और उनसे हो रहे बदलावों की जानकारी भी दी जानी चाहिए। अभियान में युवा, बच्चे, महिलाएं, किसान और अन्य वर्गों के लिए अलग-अलग गतिविधियां आयोजित होंगी।
अभियान की शुरुआत 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। शाम को जिले के परिवारों को दीप प्रज्वलित कर अभियान से जोड़ने की योजना है। प्रत्येक दीप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति नागरिकों के आभार और विकसित भारत के संकल्प का प्रतीक होगा। मैदानी अमला घर-घर पहुंचकर लोगों को कार्यक्रम की जानकारी देगा और उन्हें इसमें सहभागी बनने के लिए प्रेरित करेगा।
17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक ‘25 करोड़ बच्चों के सपनों का भारत’ पहल के तहत शासकीय और निजी स्कूलों में चित्रकला व भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। बच्चों को विकसित भारत की अपनी कल्पना को रचनात्मक तरीके से सामने रखने का मौका मिलेगा। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा और चयनित कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
‘नमो सेवा गाथा’ के तहत अलग-अलग स्थानों पर नुक्कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। इनमें सरकारी योजनाओं, उनकी पात्रता और आम लोगों को मिले लाभों की कहानियां रोचक अंदाज में प्रस्तुत की जाएंगी। उद्देश्य योजनाओं की जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
25 सितंबर से 7 अक्टूबर तक आंगनवाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का उत्सव’ होगा। यहां पोषण, मातृ सहायता, टीकाकरण और महिला-बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। वहीं ‘कहानी बदलाव की’ के तहत सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों की वास्तविक सफलता की कहानियां सामने लाई जाएंगी। पूरे अभियान का उद्देश्य सेवा, सहभागिता और संकल्प को जनभागीदारी से मजबूत करना है।