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DA, एरियर्स समेत पांच मांगों को लेकर कल नया रायपुर में प्रदर्शन, इंद्रावती भवन में जुटेंगे कर्मचारी-पेंशनर

employee pensioner protest: छत्तीसगढ़ में DA, एरियर्स और नियमितीकरण समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर 11 सितंबर को कर्मचारी-पेंशनर नया रायपुर के इंद्रावती भवन में सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 10 Sep 2026, 12:52 PM IST

Chhattisgarh employee protest

Chhattisgarh employee protest: तीन दिन में सहमति देने का नोटिस(photo-patrika)

Chhattisgarh employee protest: छत्तीसगढ़ में आर्थिक शोषण और लंबित मांगों के विरोध में नियमित-अनियमित कर्मचारी, अधिकारी और पेंशनर 11 सितंबर को नया रायपुर स्थित इंद्रावती भवन में सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे। दोपहर 1 बजे गेट नंबर-3 के सामने होने वाले प्रदर्शन में 55 से अधिक कर्मचारी संगठनों के वर्तमान और निवर्तमान प्रांताध्यक्ष शामिल होंगे। कर्मचारी संगठनों के अनुसार, यह प्रदर्शन ‘एक मांग, एक मंच’ अभियान के तहत किया जा रहा है। संगठनों ने सरकार पर कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से कई मांगें लंबित हैं।

Protest for DA hike: DA और एरियर्स को लेकर नाराजगी

छत्तीसगढ़ प्रदेश अधिकारी कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष करन सिंह अटेरिया ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों का आर्थिक दमन कर रही है। उनका कहना है कि समय पर महंगाई भत्ता नहीं मिलना और एरियर्स का भुगतान लंबित रखना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर 2025 को वित्त मंत्री ने वर्ष 2026 से केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता देने की बात कही थी, लेकिन इस दिशा में अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

नियमितीकरण नहीं होने से अनियमित कर्मचारी नाराज

अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया जाएगा। गोपाल प्रसाद साहू ने कहा कि 2023 में किए गए वादों के बावजूद अनियमित कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ‘मोदी की गारंटी’ के नाम पर किए गए वादों की अनदेखी कर रही है, जिससे अनियमित कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

ठेका पद्धति और पुरानी पेंशन का मुद्दा

जितेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में ठेका पद्धति लागू किए जाने से पदोन्नति और बेरोजगारों के हित प्रभावित हो रहे हैं। वहीं नगरीय निकायों में पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं होने का मुद्दा भी कर्मचारी संगठन उठाएंगे। संगठनों का कहना है कि ठेका व्यवस्था के बजाय नियमित नियुक्तियों और कर्मचारियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

पांच सूत्रीय मांगों को लेकर होगा प्रदर्शन

विद्याभूषण दुबे ने बताया कि कर्मचारी संगठनों की वित्त मंत्री, मुख्य सचिव और वित्त सचिव के साथ चर्चा हो चुकी है, लेकिन मांगों पर समाधान नहीं निकलने के बाद प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है। 11 सितंबर को दोपहर 1 बजे इंद्रावती भवन के गेट नंबर-3 के सामने कर्मचारी और पेंशनर अपनी मांगों को लेकर सांकेतिक प्रदर्शन करेंगे।

ये हैं प्रमुख मांगें

  • जनवरी 2026 से केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता दिया जाए।
  • 86 महीनों के महंगाई भत्ता एरियर्स का भुगतान किया जाए।
  • अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
  • ठेका प्रणाली को बंद किया जाए।
  • नगरीय निकायों में पुरानी पेंशन योजना लागू की जाए।
  • कर्मचारियों और पेंशनरों को 20 लाख रुपए तक कैशलेस उपचार की सुविधा दी जाए।