
महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्री कराने से 50 फीसदी तक छूट (Photo Patrika Create)
Chhattisgarh Land Registry: प्रदेश में लोग जमीन-मकान, प्लाॅट खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। गणेश चतुर्थी 14 सितंबर से शुरू हो रही है। इसके साथ ही प्रापर्टी खरीदी-बिक्री में और तेजी आएगी। यह तेजी दिवाली तक चलेगी। गणेश चतुर्थी के बाद नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे अवसरों पर प्रापर्टी खरीदारी करना कई लोग शुभ मानते हैं। इस कारण इन अवसरों पर रजिस्ट्री के आंकड़े बढ़ जाते हैं। त्योहारी सीजन और शुभ मुहूर्त के लिए पंजीयक कार्यालयों में तैयारी शुरू हो गई। इन अवसरों पर अवकाश के दिन भी रजिस्ट्री की व्यवस्था की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में संपत्ति पंजीयन की गतिविधियों में लगातार वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 8 सितंबर तक कुल 1 लाख 60 हजार 981 रजिस्ट्री हुई, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि में 1 लाख 42 हजार 187 रजिस्ट्री हुई थी। इस प्रकार अब तक 18 हजार 794 अधिक दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है। इसमें 13.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। जुलाई माह में ही 30 प्रतिशत तथा 1 से 31 अगस्त 2026 की अवधि में 38 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
जरूरतमंद के अलावा निवेशकों ने भी प्रापर्टी में पैसा लगाना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि रजिस्ट्री की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इसके अलावा कुछ नए प्रावधानों के चलते भी लोगों का रूझान इसमें बढ़ा है। खासकर महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 50 फीसदी की छूट का प्रावधान। मई 2026 में महिलाओं के नाम संपत्ति खरीदीने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया। इसके 4 माह में ही 40 हजार 886 से अधिक पंजीयन दस्तावेज महिलाओं के नाम दर्ज किए जा चुके हैं।
परिवार के भीतर दानपत्र, हकत्याग पत्र और बंटवारे जैसे दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क घटाकर 500 रुपए किया गया है। सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनकी विधवाओं को स्टाम्प शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दिया गया है। इस तरह विभिन्न प्रावधानों के तहत नागरिकों को लगभग 1,100 करोड़ की पंजीयन शुल्क संबंधी रियायतें दी गईं। घर बैठे रजिस्ट्री कराने की भी सुविधा दी जा रही है।
पिछले करीब ढाई साल में रजिस्ट्री संबंधी प्रक्रियाओं को काफी सरल, त्वरित, पारदर्शी और नागरिक केंद्रीत बनाने की दिशा में कई उपाय किए गए हैं। खासकर रजिस्ट्री के साथ नामांतरण की प्रक्रिया में सुधार है। अब रजिस्ट्री के साथ ही स्वत: ही नामांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। राज्य में अब तक 2.78 लाख से अधिक स्वतः नामांतरण पूरा हो चुका है।
आमतौर पर त्योहारी सीजन में कई शुभ मुहूर्त होते हैं। इसके चलते पंजीयन कार्यालयों में रजिस्ट्री बढ़ जाती है। इन अवसरों को लेकर सभी पंजीयन ऑफिसों को विशेष निर्देश दिया गया है। रजिस्ट्री संबंधी कार्य बाधित न हो, इसके लिए तकनीकी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
-पुष्पेंद्र मीणा, आईजी, पंजीयन एंव मुद्रांक, रायपुर
Updated on:
10 Sept 2026 09:50 am
Published on:
10 Sept 2026 09:49 am
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