
CG Irrigation Project: छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक और कदम उठाया है। जल संसाधन विभाग ने रायपुर और गरियाबंद जिले की चार प्रमुख सिंचाई योजनाओं के लिए कुल 16 करोड़ 3 लाख 38 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। स्वीकृत राशि से नहरों की लाइनिंग, मरम्मत और जीर्णोद्धार सहित कई जरूरी कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों के पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने के साथ कृषि भूमि को पानी की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन की ओर से यह प्रशासकीय स्वीकृति मुख्य अभियंता, महानदी गोदावरी कछार, जल संसाधन विभाग रायपुर को प्रदान की गई है। विभाग का उद्देश्य पुरानी और क्षतिग्रस्त सिंचाई संरचनाओं को दुरुस्त कर जल प्रबंधन को बेहतर बनाना है। स्वीकृत योजनाओं में रायपुर जिले की गुजरा व्यपवर्तन योजना और गरियाबंद जिले की पतोरा व्यपवर्तन योजना, गनियारी जलाशय योजना तथा ठाकुरदेव जलाशय योजना शामिल हैं।
रायपुर जिले की गुजरा व्यपवर्तन योजना के लिए 4 करोड़ 99 लाख 15 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से नहरों की लाइनिंग और जीर्णोद्धार का काम कराया जाएगा। कार्य पूरा होने के बाद करीब 141 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का लाभ मिलने की जानकारी दी गई है। नहरों की लाइनिंग होने से पानी के रिसाव को कम करने और उपलब्ध जल का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी। इससे किसानों तक सिंचाई का पानी अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी।
गरियाबंद जिले की पतोरा व्यपवर्तन योजना के लिए 2 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई है। इस राशि से शीर्ष जीर्णोद्धार और नहर लाइनिंग के कार्य किए जाएंगे। कार्य पूरा होने के बाद लगभग 84.27 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई जल का लाभ मिलने की बात कही गई है। इससे खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर होने के साथ किसानों को सिंचाई व्यवस्था में राहत मिल सकती है।
गरियाबंद की गनियारी जलाशय योजना के लिए 4 करोड़ 66 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से जलाशय से जुड़ी सिंचाई संरचनाओं के जीर्णोद्धार के साथ वेस्ट वियर की मरम्मत, मुख्य नहर की रिमॉडलिंग और सीमेंट कंक्रीट लाइनिंग का काम कराया जाएगा। इन कार्यों के जरिए करीब 144 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास किया जाएगा। पुरानी संरचनाओं की मरम्मत और नहरों की लाइनिंग से सिंचाई व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
गरियाबंद जिले की ठाकुरदेव जलाशय योजना के लिए 4 करोड़ 35 लाख 73 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से शीर्ष, मुख्य नहर और शाखा नहरों का जीर्णोद्धार, मरम्मत तथा लाइनिंग का काम कराया जाएगा। इन कार्यों से करीब 80 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। नहरों की मरम्मत और लाइनिंग से पानी के बेहतर प्रवाह के साथ सिंचाई क्षमता को बनाए रखने में सहायता मिलेगी।
चारों योजनाओं के लिए स्वीकृत राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से मौजूदा सिंचाई ढांचे को मजबूत करने में किया जाएगा। नहरों और जल संरचनाओं की मरम्मत से सिंचाई व्यवस्था में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही पानी के बेहतर प्रबंधन से कृषि भूमि तक सिंचाई जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। रायपुर और गरियाबंद जिले के इन क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और पुराने ढांचे के जीर्णोद्धार से किसानों को खेती के लिए पानी की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। सरकार का फोकस सिंचाई क्षमता बढ़ाने के साथ जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी है।