- बोगस बिलों से टैक्स चोरी के मामले में स्टील कंपनी के दस्तावेज जब्त- खरोरा के नूतन स्टील के दो ठिकानों पर चल रही है जांच
रायपुर. केंद्र के बाद अब राज्य जीएसटी (GST) में भी दो महीने के भीतर बोगस बिल के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने का मामला सामने आया है। खरोरा स्थित नूतन स्टील के मामले में राज्य जीएसटी पिछले तीन दिनों से कार्रवाई कर रही है, जिसमें इनफोर्समेंट टीम ने राजधानी के फरिश्ता कॉम्पलेक्स स्थित दफ्तर से कम्प्यूटर के हार्डड्राइव को जब्त कर लिया है, वहीं सभी पेपरों की भी जांच जारी है। दफ्तर को फिलहाल सील कर दिया गया है।
अफसरों की टीम ने स्टील फैक्ट्री के साथ ही दफ्तर पर दबिश दी है। आशंका जताई ज रही है कि यहां करोड़ों रुपए के बोगस बिल का भंडाफोड़ हो सकता है। इससे पहले बीते महीने केंद्रीय जीएसटी के अफसरों ने बोगस बिल के बड़े रैकेट का खुलासा किया था। राज्य जीएसटी की इस कार्यवाही में केंद्रीय जीएसटी में भी आईटीसी घोटाला उजागर हो सकता है। इस मामले में केंद्रीय जीएसटी की टीम भी जांच कर सकती है।
150 से ज्यादा कंपनियां निशाने पर
बोगस बिल के जरिए आईटीसी लेने के मामले में केंद्रीय और राज्य जीएसटी की 150 से ज्यादा कंपनियों पर नजर रखी जा रही है। इनमें से कई कंपनियों के खिलाफ बीते महीने केंद्रीय जीएसटी ने लंबी जांच शुरू की थी, जिसमें अधिराज सीमेंट कंपनी पर 12 करोड़ से अधिक टैक्स चोरी के मामले में डायरेक्टर को गिरफ्तार किया गया था।