Raipur Women Congress Committee: रायपुर में महिला कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। यह फैसला प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक लागू होगा। अल्का लांबा के आदेश के बाद संगठन में पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
Raipur Women Congress Committee: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महिला कांग्रेस की प्रदेश इकाई की वर्तमान कार्यकारिणी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। यह निर्णय प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक की सभी इकाइयों पर लागू होगा। इस संबंध में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अल्का लांबा की ओर से आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश जारी होने के बाद संगठन में व्यापक स्तर पर पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे संगठन को नई दिशा और मजबूती मिलेगी।
जारी पत्र में कहा गया है कि महिला कांग्रेस को अधिक मजबूत, सक्रिय और प्रभावशाली बनाने के उद्देश्य से संगठनात्मक पुनर्गठन आवश्यक है। इसी क्रम में नई कार्यकारिणी के गठन से पहले प्रदेश, जिला, ब्लॉक और बूथ स्तर की सभी वर्तमान समितियों को भंग करने का निर्णय लिया गया है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इससे संगठन को नई ऊर्जा और अधिक सक्रिय नेतृत्व मिलेगा, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यों को गति दी जा सकेगी।
नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर संगठन ने स्पष्ट किया है कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह से तय मानकों और प्रदर्शन आधारित होगी। इसमें संगठन में सक्रिय भूमिका, सदस्यता अभियान में योगदान, जनसंपर्क एवं जमीनी स्तर पर किए गए कार्य, संघर्षशीलता और नेतृत्व क्षमता तथा संगठन के प्रति समर्पण जैसे प्रमुख पहलुओं को आधार बनाया जाएगा। इन्हीं मानकों के आधार पर प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर की नई टीमों का गठन किया जाएगा, ताकि संगठन को अधिक मजबूत और सक्रिय बनाया जा सके।
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशों के अनुसार नई कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई टीम में उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी जो लगातार संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रही हैं और जमीनी स्तर पर काम कर रही हैं।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार यह कदम संगठन को पुनर्गठित करने और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में उठाया गया है। इस निर्णय के बाद महिला कांग्रेस में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे राज्य में संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह नया रूप ले सकता है।