बचपन में ही डायबिटीज हो जाना, वजन बढ़ जाना, मोटापे जैसी कई बीमारी से
ग्रसित हो जाना, स्कूली बच्चों में कॉमन हो गया है। लगभग हर स्कूल का हर
चौथा बच्चा किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है। ऐसे में अधिकांश बच्चे अपने
एकेडमिक एक्टिविटी से दूर होते जा रहे हैं। यह बात सीबीएसई द्वारा कराई गई
एक सर्वे में हुआ है। सर्वे के अनुसार ज्यादातर बच्चे फास्टफूड खाते हैं और फिजिकल एक्सरसाइज नहीं करते हैं। स्कूलों में भी पढ़ाई ज्यादा और फिजिकल एक्टिविटी कम कराई जा रही है। ऐसे में इन दिनों स्कूली बच्चे बीमारी से ग्रस्त पाए जा रहे हैं। सीबीएसई ने देशभर के 2 हजार स्कूलों का सर्वे कर बीमारियों का पता लगाया। अब बोर्ड स्कूलों में आउटडोर एक्टिविटी कराने पर जोर देगा।
ईटिंग हैबिट के कारण ग्रसित हो रहे हैं बच्चे
सीबीएसई सर्वे के अनुसार जिन स्कूली बच्चों को सर्वे में शामिल किया गया है। उनमें से अधिकांश बच्चे किसी न किसी बीमारी से ग्रसित पाए गए। पांच तरह की बीमारी सीबीएसई ने इन बच्चों में पाया है। इसका कारण जंकफूड की ईटिंग हैबिट का होना और आउटडोर एक्टिविटी कम होना बताया जा रहा है। हालांकि सीबीएसई ने स्कूलों में जंकफूड पर रोक लगाई है, लेकिन बच्चे बाहर और घर में भी खाते रहते हैं।
पैरेंट्स लेवल पर होगी पहल
बच्चों को फास्ट फूड देना कम कर दें।
बच्चों को पैक्ड फूड न दें।
बच्चों को हेल्दी फूड की आदत डालें, उन्हें इसके फायदे बताएं।
बच्चों को एक से डेढ़ घंटे रोज आउटडोर गेम्स खेलने दें।
बीमारियों के बढऩे का कारण
इसकी वजह फिजिकल एक्टिविटी कम करना व जंक फूडका सेवन ज्यादा करना है।
इससे बचने के लिए स्कूलों में हर रोज डेढ़ घंटे आउटडोर एक्टिविटी होगी।
यह बीमारी हर दस बच्चों में से एक को है। यह बीमारी लाइफ स्टाइल डिसऑर्डर के कारण होती है। जंकफूड खाने के कारण यह बीमारी बढ़ रही है।
स्कूलों में रेगुलर एक्सरसाइज करवाया जाएगा। कम ऑयली और नमक वाले फूड दिए जाएंगे।
इस बीमारी का लक्षण उम्र व हाइट के हिसाब से ज्यादा हो जाना।
कोलेस्ट्रॉल बढऩे से यह हो रहा है।
इसे कम करने के लिए स्टूडेंट्स को स्पोट्र्स से जोड़ा जाएगा। बच्चों के लंच पर नजर रखी जाएगी।
इस बीमारी से लगभग तीन हजार स्कूली बच्चे ग्रसित हैं। इसमें मोटापा, मसल्स पेन, लो ब्लड शुगर, सिर दर्द आदि दिक्कतें होती हैं। इन बीमारियों के होने का कारण भी फास्ट फूड ही है।
इसके लिए आउटडोर गेम्स कराया जाएगा।
इससे जोड़ों में दर्द, किसी हिस्से पर लंबे समय तक सूजन आदि रहता है।
अधिकांश बच्चों में यह बीमारी पाई गई है।
इससे बचने हर दिन एक्सरसाइज और स्पोट्र्स एक्टिविटी करवाई जाएगी।