
Raipur Nagar Nigam: छत्तीसगढ़ के रायपुर में सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत रायपुर नगर पालिक निगम ने आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति संचालित हो रही अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में निगम के जोन क्रमांक 9 के पंडित मोतीलाल नेहरू वार्ड क्रमांक 9 क्षेत्र में रियल एस्टेट परिसरों में संचालित अवैध व्यावसायिक गतिविधियों पर कार्रवाई की गई। नोटिस जारी किए जाने के बावजूद गतिविधियां बंद नहीं करने वाले परिसरों को निगम की टीम ने ताला लगाकर सीलबंद कर दिया।
नगर निगम के अनुसार, जोन 9 के कुछ आवासीय परिसरों का उपयोग निर्धारित अनुमति के बिना व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इस संबंध में संबंधित व्यवसायियों को पहले नियमानुसार नोटिस जारी कर गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे। नोटिस के बावजूद जब इन परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां जारी रहीं, तो निगम ने सख्ती दिखाते हुए मौके पर कार्रवाई की। टीम ने संबंधित परिसरों को ताला लगाकर सील कर दिया।
नगर निगम की टीम ने कार्रवाई के दौरान मौके पर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करते हुए परिसरों को सीलबंद किया गया। अधिकारियों के मुताबिक आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित परिसरों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करना नियमों के विपरीत है। ऐसे मामलों में पहले संबंधित लोगों को नोटिस देकर गतिविधियां बंद करने का अवसर दिया जाता है। निर्देशों का पालन नहीं होने पर सीलिंग समेत अन्य कार्रवाई की जाती है।
यह कार्रवाई रायपुर जिला कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेश और नगर पालिक निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर की गई। जोन 9 के जोन कमिश्नर राकेश शर्मा के मार्गदर्शन में निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने कार्रवाई की। अभियान में कार्यपालन अभियंता शरद ध्रुव, सहायक अभियंता सैयद जोहेब सहित जोन 9 के नगर निवेश विभाग की टीम शामिल रही। निगम मुख्यालय के नगर निवेश उड़नदस्ता दल ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
सीलिंग की कार्रवाई के दौरान रायपुर जिला पुलिस कमिश्नरेट की टीम भी मौके पर मौजूद रही। नगर निगम और पुलिस टीम की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई नियमानुसार पूरी की गई। इससे मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिली। निगम अधिकारियों ने बताया कि सीलबंदी से पहले स्थल पर पंचनामा तैयार किया गया और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किया गया।
नगर निगम अब आवासीय क्षेत्रों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों पर निगरानी बढ़ा रहा है। खासतौर पर रियल एस्टेट परिसरों में यह देखा जा रहा है कि उनका इस्तेमाल स्वीकृत उपयोग के अनुसार हो रहा है या नहीं। निगम का स्पष्ट जोर इस बात पर है कि आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित परिसरों का इस्तेमाल बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियों के लिए न किया जाए।
नगर निगम के अनुसार नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों को पहले नियमानुसार नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि अवैध गतिविधियां बंद नहीं की गईं तो सीलिंग सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप शुरू किए गए इस अभियान से आवासीय क्षेत्रों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वालों पर निगम की सख्ती और बढ़ने के संकेत हैं। अधिकारियों के मुताबिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।