नया रायपुर में रहने वाले लोगों के घर से कचरा नि:शुल्क उठेगा, लेकिन अधिक पानी खर्च करना उन्हें महंगा पड़ेगा। बोर्ड की बैठक के बाद यह तय किया गया
रायपुर. नया रायपुर में रहने वाले लोगों के घर से कचरा नि:शुल्क उठेगा, लेकिन सीमा से अधिक पानी खर्च करना उन्हें महंगा पड़ेगा। नया रायपुर विकास प्राधिकरण के मुताबिक बोर्ड की बैठक के बाद यह तय किया गया है कि अपशिष्ट प्रबंधन के लिए स्थानीय निवासियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन नया रायपुर क्षेत्र में कोई भी रहवासी पानी के लिए बोर नहीं कर सकेगा।
वहीं 25 से 50 किलोलीटर (25 से 50 हजार लीटर) पानी के उपयोग पर प्रति किलोलीटर 8 रुपए शुल्क रखा गया है, यानी यदि कोई परिवार एक महीने में 25 से 50 किलोलीटर पानी उपयोग करेगा तो उसे महीने में 240 रुपए देने पड़ेंगे, लेकिन 50 किलोलीटर की सीमा पार हुई तो निवासियों को प्रतिमाह न्यूनतम 1000 रुपए शुल्क देना पड़ेगा। इस स्थिति में यह शुल्क राजधानी में वर्तमान में लिए जा रहे पानी के मासिक शुल्क से तीन गुणा अधिक होगा।
नया रायपुर में सालभर का शुल्क 2880 रुपए
सीमा के भीतर पानी खर्च करने पर नया रायपुर में सालभर का जलप्रदाय शुल्क 2880 रुपए तय किया गया है, जबकि राजधानी में वर्तमान में यह शुल्क 2400 रुपए लिया जा रहा है। सीमा से अधिक खर्च करने पर नया रायपुर में न्यूनतम शुल्क 1000 रुपए प्रति महीना होगा, जिसके मुताबिक सालभर में 12 हजार न्यूनतम शुल्क देना पड़ेगा।
पानी की समस्या इसलिए बोर प्रतिबंधित
एनआरडीए के संचालक मंडल में लिए गए फैसले के मुताबिक नया रायपुर क्षेत्र में भू-जल स्त्रोत के संरक्षण और संर्वधन के लिए बोर खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। यानी पानी की सप्लाई एनआरडीए के जरिए अंडग्राउंड रहेगी।
स्वयं के खर्चे से लगाना होगा मीटर
एनआरडीए के नियमों के मुताबिक हितग्राहियों को स्वयं के खर्चे से नल में मीटर लगाना होगा। मीटर लगाने का काम एनआरडीए प्रबंधन करेगा, लेकिन इसके लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान हितग्राहियों को ही करना पड़ेगा।
पहले हो चुके बोर होंगे बंद
एनआरडीए अधिकारियों ने पाया कि नया रायपुर क्षेत्र में इससे पहले कुछ बोर खनन की जानकारी सामने आई है, जिसे बंद किया जाएगा। एनआरडीए ने वर्तमान में लेयर-1 और लेयर-2 में यह नियम लागू किया है, जो कि बाद में लेयर-3 के लिए भी लागू रहेगी।
एनआरडीए के सीईओ मुकेश बंसल ने कहा कि नया रायपुर क्षेत्र में भू-जल स्त्रोतों के संवर्धन के लिए एक निर्धारित शुल्क पर सहमति बनी है। एक परिवार के दैनिक उपयोग को ध्यान में रखते हुए ही शुल्क का निर्धारण किया गया है। इससे परिवारों को परेशानी नहीं होगी।