रायपुर

CG News: 14 हजार शिक्षकों का हुआ युक्तियुक्तकरण, अब कोई भी स्कूल नहीं रहा शिक्षकविहीन…. देखें

Raipur News: शिक्षक विहीन व एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता निश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने व्यापक स्तर पर स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है।

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Jun 18, 2025
14 हजार शिक्षकों का हुआ युक्तियुक्तकरण (photo-unsplash)

CG News: शिक्षक विहीन व एकल शिक्षकीय स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता निश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग ने व्यापक स्तर पर स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। इसके बाद भी प्रदेश भर करीब 20 फीसदी स्कूल एकल शिक्षकीय शेष हैं। जबकि, 80 फीसदी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है।

अब प्रदेश में एक भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं बचे हैं। जिला स्तर पर लगभग 13 हजार 793 शिक्षकों का युक्तियुक्त करण किया गया है। जबकि, संभाग स्तर पर 863 का और राज्य स्तर पर 105 शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया। अब लगभग 1200 शालाएं एकल शिक्षकीय हैं। युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया से शिक्षकविहीन 453 स्कूलों में से 446 अब शिक्षकविहीन नहीं रहेंगे। वहीं, 5936 एकल शिक्षकीय विद्यालय में से 4721 में अब दो या तीन शिक्षकों की पदस्थापना कर दी गई है। सुदूरवर्ती इलाकों के भी सरकारी स्कूलों में भी अब पर्याप्त शिक्षक होंगे।

विद्यार्थियों को बार-बार प्रवेश से मुक्ति…

एक ही परिसर में स्थित 10372 विद्यालयों का एकीकरण और 166 ग्रामीण और शहरी विद्यालयों का समायोजन पूरा हो चुका है। इससे लगभग 89 प्रतिशत विद्यार्थियों को बार-बार प्रवेश प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी। छात्रों को अतिरिक्त शिक्षक उपलब्ध होंगे और विद्यालय की समय सारिणी एवं अन्य गतिविधियों में अधिक एकरूपता रहेगी। क्योंकि, अब स्कूलों का यूडाइज नंबर एक हो जाएगा।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोई भी विद्यालय बंद नहीं किया जा रहा है और कोई भी शिक्षक पद समाप्त नहीं हो रहा है। इसके बजाय ध्यान बेहतर अधोसंरचना वाले विद्यालयों का संचालन सुनिश्चित करने पर है।

10372 स्कूलों का एकीकरण

एक ही परिसर में संचालित लगभग 10 हजार 372 शालाओं का एकीकरण था जिनमें प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई स्कूल और हॉयर सेकेंडरी स्कूल शामिल थे। इस विलय से कई लाभ मिलने की उम्मीद है। यह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, छोटी कक्षाओं के छात्रों को बड़ी कक्षाओं के छात्रों का सहयोग प्राप्त होने और कंप्यूटर, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शैक्षणिक समझ और अभिरुचि में वृद्धि के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होगा।

अनुपात समान करने का प्रयास

लगभग 212 प्राथमिक शालाएं और 48 पूर्व माध्यमिक शालाएं पूरी तरह से शिक्षक विहीन थीं, जबकि 6872 प्राथमिक शालाएं और 255 पूर्व माध्यमिक शालाएं केवल एक शिक्षक के साथ संचालित हो रही थीं। इसके अतिरिक्त 211 शालाएं ऐसी थीं जहां छात्र संख्या शून्य थी, लेकिन शिक्षक पदस्थ थे। इसके अलावा, 166 शालाओं को समायोजित किया गया। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों की 133 शालाएं शामिल थीं, जिनकी दर्ज संख्या 10 से कम थी और दूरी 1 किमी से कम थी।

Published on:
18 Jun 2025 08:46 am
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