
रायपुर . पंडरी कपड़ा मार्केट में आरडीए की बेशकीमती जमीन मामले में अब नया विवाद खड़ा हो चुका है। यह विवाद तब हुआ जब कारोबारियों ने जमीन खरीदने के लिए फॉर्म भर दिया है, लेकिन आरडीए ने बाकी राशि के साथ 18 फीसदी जीएसटी की मांग रखी है।
कारोबारियों का कहना है कि अलाटमेंट लेटर में 18 फीसदी जीएसटी की राशि देखकर होश उड़ गए। पंडरी में यह जमीन 2.50 करोड़ रुपए तक में बिकी है, वहीं 18 फीसदी जीएसटी की राशि लगभग 36 लाख रुपए है। कारोबारियों के मुताबिक उनका विरोध इस बात पर है कि आरडीए ने जमीन बेचने के लिए जो फॉर्म जारी किया था, उसमें 18 फीसदी जीएसटी का जिक्र नहीं है, लेकिन अलाटमेंट लेटर में जीएसटी की राशि अदा करने की बात लिखी हुई है, साथ में यह लिखा हुआ है कि तीन दिन के भीतर यदि यह राशि जमा नहीं की गई तो कारोबारियों द्वारा जमा किया गया बाकी राशि भी राजसात कर लिया जाएगा। आरडीए ने यहां 10 से अधिक प्लॉट बेचे हैं।
सोमवार को होगी बैठक
पंडरी जमीन विवाद मामले में सोमवार को बैठक होगी, जिसमें आरडीए अध्यक्ष, चार्टर्ड एकाउंटेंट, वकील और कारोबारियों का प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहेगा। यहां पर आरडीए के अधिकारी कारोबारियों से चर्चा करेंगे।
दो कारोबारियों ने जीएसटी दिया
जानकारी के मुताबिक दो कारोबारियों ने आरडीए को विवाद के बाद भी जीएसटी की राशि अदा कर दी है। इस मामले में जमीन खरीदने वाले कारोबारियों के बीच ही दो फाड़ हो चुका है।
रद्द हो सकता है आवंटन
आरडीए के आला अधिकारियों का कहना है कि नियम के मुताबिक कारोबारियों को जीएसटी तो देना पड़ेगा। विवाद को बढ़ते देख पंडरी में जमीन का आवंटन रद्द भी किया जा सकता है।
2.50 करोड़ में बिकी है 700 वर्गफीट जमीन
पंडरी कपड़ा मार्केट में आरडीए की यह जमीन 2 करोड़ रुपए तक में बिकी है, जिसका क्षेत्रफल महज 700 वर्गफीट है। कारोबारियों ने 13000 रुपए प्रति वर्गफीट बेस रेट में 37 हजार रुपए तक अधिकतम बोली लगाई। इसलिए 90 लाख रुपए की जमीन 2.50 करोड़ तक पहुंच गई, जबकि देवेंद्र नगर क्षेत्र में आने वाली इस जमीन की सरकारी गाइडलाइन कीमत 9000 रुपए प्रति वर्गफीट है।
रावांभाठा जमीन के लिए जीएसटी लिखा
कारोबारियों का कहना है कि दूसरी तरफ रावांभाठा में आरडीए ने जमीन बिक्री मामले में 18 फीसदी जीएसटी का उल्लेख किया है, लेकिन पंडरी कपड़ा मार्केट की जमीन पर ऐसा नहीं किया, जिसके वजह से कारोबारियों में भ्रम की स्थिति है।
पंडरी जमीन आवंटन मामले में कारोबारियों की शिकायतों के बाद सोमवार को बैठक रखी गई है, जिसमें कानूनी सलाह के बाद निर्णय लिया जाएगा।
संजय श्रीवास्तव, अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण