
Chhattisgarh Electricity News: छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग की ओर से नए टैरिफ संशोधन के बावजूद राजनांदगांव क्षेत्र के लाखों बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलती रहेगी। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को मुफ्त बिजली तथा बिजली बिल में 50 प्रतिशत तक की छूट का लाभ पहले की तरह जारी रहेगा।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अनुसार राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कुल 1 लाख 17 हजार 661 बीपीएल उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 30 यूनिट तक बिजली नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना का पूरा व्यय राज्य सरकार वहन कर रही है।
कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। इससे उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को काफी हद तक कम या शून्य कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से योजना का लाभ उठाकर ऊर्जा आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।
वहीं मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत चारों जिलों के 3 लाख 82 हजार 519 घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक बिजली खपत पर 50 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी। इस योजना से राजनांदगांव जिले के सर्वाधिक 1.92 लाख उपभोक्ता लाभान्वित हो रहे हैं। विद्युत विभाग के अनुसार इन योजनाओं के चलते अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं पर बिजली दरों में वृद्धि का वास्तविक प्रभाव शून्य से लेकर अधिकतम 3.65 प्रतिशत तक ही सीमित रहेगा।
स्मार्ट मीटर अब प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत सामान्य से अधिक दर्ज की जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं के बिल बढ़ रहे हैं। बैज ने दावा किया कि जून महीने में 45 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के बिजली बिल औसत से काफी अधिक आए हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां स्मार्ट मीटर को लेकर लिए गए फैसलों की समीक्षा हुई है, इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनता के हित में पुनर्विचार करना चाहिए।
बिजली दरों में बढ़ोतरी, स्मार्ट मीटर और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर कांग्रेस ने खुला मोर्चा खोल दिया है। सड़क पर आंदोलन और विधानसभा में घेराबंदी की रणनीति के साथ पार्टी इसे बड़ा जन मुद्दा बनाने में जुटी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार कांग्रेस के आरोपों का क्या जवाब देती है और आगामी मानसून सत्र में बिजली का मुद्दा प्रदेश की राजनीति को कितना गर्माता है।