
रायपुर.कोरोना वायरस महामारी से जंग में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के रेंगानार गांव ने मिसाल कायम की है। रेंगानार गांव छत्तीसगढ़ का पहला ऐसा गांव बन गया है, जहां के हर ग्रामीण ने कोरोना से बचाव के लिए टीका लगवा लिया है। आदिवासी बहुल रेंगानार में 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के 310 लोग रहते हैं। टीकाकरण के लिए पात्र 294 लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का किसानों को तोहफा
शहरी क्षेत्रों के उलट वहां लोगों के पास स्मार्ट फोन और इंटरनेट की काफी सीमित उपलब्धता के कारण शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन आसान नहीं था। भ्रांतियों और जागरूकता की कमी के चलते कम लोग ही टीका लगवा रहे थे। तब रेंगानार की सरपंच सनमति तेलामी और स्थानीय कोरोना जागरूकता दल ने लोगों को जागरूक कर टीकाकरण के लिए तैयार किया।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt]मानसून की दस्तक के साथ किसानों को तोहफा
स्वास्थ्य विभाग की कोशिशों ने रंग लाया और पहले ही दिन रेंगानार के 18 वर्ष से अधिक के 125 युवाओं ने उत्साहपूर्वक टीका लगवाया। इस अभियान में दिव्यांगजनों ने भी बढ़-चढकर हिस्सा लिया। उन्होंने खुद टीका लगवाया और अन्य लोगों को भी प्रेरित किया। रेंगानार में टीकाकरण के निरीक्षण और सत्यापन के लिए पहुंची जिला स्तरीय टीम को जब पता चला कि गंभीर बीमारियों से पीडि़त कुछ व्यक्ति टीकाकरण में असमर्थता दिखा रहे हैं तो उन्होंने तत्काल घर-घर जाकर समझाइश दी और उन्हें टीके लगवाए।
ये भी पढ़ें...[typography_font:14pt;" >ये भी पढ़ें...बड़ा ऐलान, 18 प्लस को 21 जून से फ्री वैक्सीन