Digital Arrest: भ्रष्टाचार के एक मामले में शामिल होना बताकर बुजुर्ग को डराया। उन्हें मामले से बचाने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों से 14 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए।
Digital Arrest: डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर राजधानी में एक और बुजुर्ग से ऑनलाइन ठगी की गई। साइबर ठगों ने उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) वाले बनकर झांसा दिया। भ्रष्टाचार के एक मामले में शामिल होना बताकर बुजुर्ग को डराया। उन्हें मामले से बचाने के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों से 14 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। बुजुर्ग की शिकायत पर पुरानी बस्ती पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
पुलिस के मुताबिक 63 वर्षीय रामेश्वर देवांगन शिक्षा विभाग से रिटायर्ड हैं। उनके मोबाइल में अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने पहले खुद को टेलीकॉम कंपनी का कर्मचारी बताया। उसने कहा कि आपका नंबर जांच के लिए कुछ समय तक बंद किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए 0 या 9 अंक दबाने के लिए कहा। बुजुर्ग ने 0 अंक दबाया, तो उन्हें बताया गया कि वे सीबीआई वाले हैं। उनके नाम से भ्रष्टाचार का मामला दर्ज है। इस कारण जांच के लिए इस नंबर को बंद किया जा रहा है। कुछ देर बाद फिर एक दूसरे नंबर से रजनीश मिश्रा नामक व्यक्ति ने उन्हें कॉल किया।
उसने बुजुर्ग के दूसरे मोबाइल नंबर पर वाट्सऐप में कुछ भेजा और चेक करने के लिए कहा। बुजुर्ग ने अपना वाट्सऐप चेक किया, तो उसमें नरेश गोयल का फोटो और एक नोटिस था। इसे पहचानने के लिए कहा गया। बुजुर्ग ने पहचानने से इनकार कर दिया। इसके बाद ठगों ने कैनरा बैंक का एक एटीएम कार्ड भेजा। कार्ड को उनका बताकर धमकाने लगे कि यह नरेश के घर से छापे में बरामद हुआ है। इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है। इस कारण आपको बयान देने के लिए दिल्ली आना होगा। यह सुनकर बुजुर्ग घबरा गए। उन्होंने वहां जाने से मना कर दिया।
फिर साइबर ठगों ने कहा कि सीनियर सिटीजन होने के कारण आपका ऑनलाइन बयान लिया जाएगा। इसके लिए एक आवेदन पत्र वाट्सऐप करिए। बुजुर्ग ने एक आवेदन पत्र भेज दिया। फिर ठगों ने वीडियो कॉल करके सीबीआई कोर्ट दिखाया। उन्हें बताया गया कि उनके आवेदन पर सीबीआई कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
कोर्ट जैसा रूम देखकर बुजुर्ग उनके झांसे में आ गए। उन्हें वीडियो कॉल चालू रखने कहा गया। फिर कोर्ट ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखने का आदेश दिया। इससे बुजुर्ग और घबरा गए। इससे बचने के लिए ठगों ने उनसे रकम जमा करने के लिए कहा। इसके बाद बुजुर्ग ने तीन दिन के भीतर उनके अलग-अलग बैंक खातों में 14 लाख रुपए जमा कर दिए। इसके बाद भी बुजुर्ग को रकम जमा करने के लिए धमकाने लगे। उन्हें अलग-अलग नंबरों से कॉल करने लगे।
साइबर ठगों ने बुजुर्ग को तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। इस दौरान उनसे उनकी पूरी जमापूंजी ठग ली। उनके खाते में रिटायरमेंट में मिले 14 लाख रुपए थे, जिन्हें जमा करवा लिए। जब उनके बैंक खाते में एक पैसा नहीं बचा, तो उन्होंने रकम जमा करने से मना कर दिया। इसके बाद ठग उन्हें धमकियां देने लगे। पीड़ित बुजुर्ग ने इसकी शिकायत पुरानी बस्ती थाने में की। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।