ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाले अपने नाम के आगे ‘डॉक्टर’ नहीं लिख पाएंगे। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों, लोक-स्वास्थ्य सेवाओं के बेहतर क्रियान्वयन, संचालन, अन्य आपात सेवा की दृष्टि से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में मिड-लेवल हेल्थ केयर प्रोवाइडर के रूप में कार्यरत ग्रामीण चिकित्सा सहायक के कार्यो/कार्यदायित्व के लिए नीति-निर्धारण किया है।
छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण चिकित्सा सहायकों के नाम के आगे डॉक्टर लिखने में प्रतिबन्ध लगा दिया है। साथ ही अगर किसी ग्रामीण चिकित्सा सहायक ने ऐसा किया तो उसपर कार्रवाई भी होगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने एक आदेश जारी किया है, जिसमे ग्रामीण चिकित्सा सहायक के द्वारा अपने नाम के सम्मुख डॉक्टर का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किए जाने के वर्णन किया गया है। साथ राज्य के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि, अपने क्षेत्र में कार्यरत समस्त ग्रामीण चिकित्सा सहायकों से लिखित में लेकर इस बात कि पुष्टि करें कि इनके द्वारा अपने नाम के सम्मुख डॉक्टर प्रयोग नहीं किया जाएगा और अगर निर्देश का उल्लघंन करते पाए गए तो उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।