रायपुर

Raipur News: 1 अप्रैल से बदल जाएगा नौकरीपेशा लोगों के वेतन का नियम, कम हो सकती है इन-हैंड सैलरी

Raipur News: र्मचारियों की नगद आय कम होगी, लेकिन दीर्घकाल में पीएफ, ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा। यानी यह बदलाव तुरंत राहत नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया कदम माना जा रहा है।

2 min read
Mar 31, 2026
1 अप्रैल से बदल जाएगा नौकरीपेशा लोगों के वेतन का नियम (Photo AI)

Raipur News: @राकेश टेम्भुरकर। एक अप्रैल 2026 से लागू होने जा रहे नए वेज नियमों का असर देशभर के प्राइवेट सेक्टर नौकरीपेशा लोगों की सैलरी स्ट्रक्चर पर साफ दिखाई देगा। नए नियम के अनुसार अब किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी कुल वेतन (सीटीसी) का कम से कम 50 प्रतिशत होना जरूरी होगा। इस बदलाव से जहां पीएफ और ग्रेच्युटी जैसे रिटायरमेंट लाभ बढ़ेंगे, वहीं हाथ में मिलने वाली सैलरी यानी इन-हैंड सैलरी कम हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नए वेज कोड से अल्पकाल में कर्मचारियों की नगद आय कम होगी, लेकिन दीर्घकाल में पीएफ, ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा। यानी यह बदलाव तुरंत राहत नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया कदम माना जा रहा है। अब 1 अप्रैल के बाद कर्मचारियों की पे-स्लिप में बेसिक, एचआरए, पीएफ और अन्य अलाउंस का पूरा गणित बदला हुआ नजर आएगा।

ईएसआईसी पर भी बदलाव का असर

इस बदलाव का असर ईएसआईसी पर भी पड़ेगा। अभी 21000 रुपए तक वेतन पाने वाले कर्मचारियों को ईएसआईसी का लाभ मिलता है, लेकिन नए वेतन स्ट्रक्चर में वेज की परिभाषा बदलने से 40000 से 60000 रुपए मासिक वेतन पाने वाले कई कर्मचारी इस सीमा से बाहर हो सकते हैं। ऐसे में उन्हें ईएसआईसी की सस्ती चिकित्सा और बीमा सुविधा नहीं मिलेगी और उन्हें निजी बीमा पर निर्भर होना पड़ेगा, जिससे चिकित्सा खर्च बढ़ सकता है।

इसे ऐसे समझिए

उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की कुल सीटीसी 15000 रुपए है और उसमें 35 प्रतिशत बेसिक पे है, तो वह ईएसआईसी के दायरे में आता है, लेकिन नए नियम के अनुसार यदि बेसिक 50 प्रतिशत करना होगा, तो उसकी वेज 21000 की सीमा के गणित में बदल सकती है और वह ईएसआईसी स्कीम से बाहर हो सकता है।

इन हैंड सैलरी का गणित

विवरण- 31 मार्च तक (पुराना) - 1 अप्रैल से (अनुमानित नया)

कुल सैलरी (सीटीसी) - 60000 - 60000
बेसिक सैलरी - 20000 (33त्न)- 30000 (50त्न)

पीएफ कटौती (12%)- 2400- 3600
इन-हैंड सैलरी- 57600 (बिना टैक्स के)- 56400
भविष्य की बचत- कम- ज्यादा (पीएफ ग्रेच्युटी)
…………..
नए वेज कोड का असर मिला-जुला रहेगा। बेसिक सैलरी बढऩे से पीएफ और ग्रेच्युटी की राशि ज्यादा कटेगी, जिससे रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों को ज्यादा फायदा मिलेगा, लेकिन हर महीने हाथ में मिलने वाली नकद सैलरी कम हो जाएगी। यानी अभी थोड़ा नुकसान, लेकिन भविष्य के लिए यह एक तरह की सामाजिक सुरक्षा मानी जा रही है।

  • सीए योगेश पुरोहित, पूर्व सचिव आईसीएआई, रायपुर
Updated on:
31 Mar 2026 02:15 pm
Published on:
31 Mar 2026 02:14 pm
Also Read
View All

अगली खबर