
रायपुर . राज्य सरकार ने अप्रैल 2017 में संजीवनी 108 के पायलटों और महतारी एक्सप्रेस 102 के कैप्टन सहित इएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशयन) के न्यूनतम मजदूरी दर को बढ़ाकर 47 प्रतिशत किया था। कर्मचारी संघ का कहना है कि अप्रैल में राज्य शासन द्वारा राशि बढ़ाने के बावजूद जीवीके ईएमआरआई प्रबंधन ने कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया। इससे नाराज कर्मचारियों ने 16 अक्टूबर को विरोध किया था, इसके पश्चात ठेका कंपनी द्वारा केवल 10 प्रतिशत ही दिया जा रहा है, जबकि 37 प्रतिशत वेतन वृद्धि की राशि अब तक नहीं दी जा रही है। अब 15 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के लिए नीति तैयार की जा रही है।
8 से 10 हजार वेतन
संजीवनी 108 और महतारी एक्सप्रेस 102 कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र राठौर ने बताया कि प्रदेश के 4000 कर्मचारियों को जीवीके ईएमआरआई प्रबंधन (ठेका कंपनी) 8 से 10 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन दे रही है। बढ़ाई गई 47 फीसदी राशि में से केवल 37 फीसदी ही ठेका कंपनी द्वारा दी जा रही है।
जीवीके ईएमआरआई प्रबंधन के पीआरओ पंकज रहंगडाले का कहना है कि कर्मचारियों के विरोध-प्रदर्शन का कोई असर नहीं होगा, प्रदेश में संजीवनी 108 के 239 वाहन और महतारी एक्सप्रेस 102 के 362 वाहन संचालित किए जा रहे हैं। अप्रैल में वेतन वृद्धि की घोषणा के बाद कर्मचारियों को 10 फीसदी महंगाई राहत प्रदान की गई है।
अब इस वर्ष वेतन वृद्धि किया जाना उचित नहीं है। बहरहाल प्रदेश के 27 जिलों में कार्यरत कर्मचारी न्यूततम मजदूरी दर अप्रैल 2017 से लागू करने, समयमान-वेतनमान देने, 12 से 16 घंटे के कार्य को सुनिश्चित करते हुए वेतन निर्धारित करने की मांग कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष संजीवनी 108 व महतारी 102 कर्मचारी कल्याण संघ राजेन्द्र राठौर ने कहा कि तीन सूत्रीय मांगों को लेकर प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जीवीके जीवीके ईएमआरआई प्रबंधन द्वारा यदि 15 जनवरी तक मांगों को नहीं माना गया तो अनिश्चितकाली विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा।
जीवीके ईएमआरआई प्रबंधन के पीआरओ पंकज रहंगडाले ने कहा कि कर्मचारी संघ की मांग अनुचित है, 10 फीसदी वेतन वृद्धि की गई है। यदि 15 जनवरी से विरोध किया जाता है तो व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत तैयारी कर ली गई है।