23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

रायपुर के नवनिर्मित माणिकचौरी रेलवे स्टेशन में पड़ीं मोटी दरारें, करोड़ों के निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

Abhanpur Rajim Rail Line: अभनपुर–राजिम रेलखंड के नवनिर्मित माणिकचौरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर मोटी और लंबी दरारें दिखाई देने से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Laxmi Vishwakarma

•

image

विनोद जैन

•

Updated: 26 Jun 2026, 4:02 PM IST

Chhattisgarh Railway News

माणिकचौरी रेलवे स्टेशन में पड़ीं दरारें (photo source- Patrika)

विनोद जैन/Chhattisgarh Railway News: गोबरा नवापारा। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए अभनपुर–राजिम रेलखंड के माणिकचौरी रेलवे स्टेशन की चमक उद्घाटन के कुछ ही समय बाद फीकी पड़ती नजर आ रही है। यात्रियों की सुविधा और क्षेत्र के विकास के दावों के बीच स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर जगह-जगह उभरी मोटी और लंबी दरारों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्टेशन का प्लेटफॉर्म कई स्थानों पर इस तरह फट चुका है कि इसे देखकर आम लोग भी निर्माण में लापरवाही की आशंका जता रहे हैं।

Railway Infrastructure: सुरक्षा पर खतरा मंडराने की संभावना

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस स्टेशन को वर्षों तक क्षेत्र की बड़ी सौगात बताया गया, उसी स्टेशन की हालत शुरुआत में ही खराब होने लगी है। प्लेटफॉर्म पर आई दरारें यह संकेत दे रही हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। लोगों का कहना है कि यदि अभी से यह स्थिति है तो आने वाले वर्षों में प्लेटफॉर्म की हालत और भी खराब हो सकती है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा सकता है।

क्षेत्रवासियों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि निर्माण कुछ ही समय में जवाब देने लगे तो इसकी निष्पक्ष तकनीकी जांच होना आवश्यक है। लोगों ने रेलवे प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि पूरे निर्माण कार्य का स्वतंत्र गुणवत्ता परीक्षण कराया जाए तथा यदि किसी प्रकार की लापरवाही या घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।

यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही

Manikchauri Railway Station: दूसरी ओर, यात्रियों की परेशानी केवल दरारों तक सीमित नहीं है। माणिकचौरी स्टेशन पर चलने वाली मेमू ट्रेन मात्र एक मिनट के लिए रुकती है, जिससे बुजुर्ग, महिलाएं, दिव्यांग और सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेल सेवा शुरू होने के बाद इस मार्ग पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग सड़क मार्ग की अपेक्षा ट्रेन को अधिक सुरक्षित, सस्ता और सुविधाजनक मान रहे हैं। ऐसे में स्टेशन की खराब होती स्थिति और कम ठहराव समय यात्रियों की चिंता बढ़ा रहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नया स्टेशन ही कुछ समय में दरकने लगे तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जिम्मेदार कौन है? क्या रेलवे प्रशासन इस मामले की गंभीरता से जांच करेगा या फिर करोड़ों रुपये का यह निर्माण भी केवल कागजों में ही गुणवत्तापूर्ण साबित होगा। करोड़ों खर्च, बड़े-बड़े दावे… लेकिन हकीकत यह कि नया रेलवे स्टेशन उद्घाटन के कुछ ही समय बाद दरकने लगा। सवाल साफ है— क्या निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया।