
सहकारी बैंक घोटाले में EOW की एंट्री (photo source- Patrika)
रायपुर@अजय रघुवंशी। Apex Bank Scam Chhattisgarh: सहकारी बैंकों में सामने आए गबन प्रकरण में विभागीय कार्रवाई के बाद अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (ईओडब्ल्यू) की जांच पर सबकी नजरें टिकी हैं। 8 कर्मचारियों को बर्खास्त किए जाने के बावजूद विभागीय सूत्रों का कहना है कि मामला केवल कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार प्रदेश के कई जिलों और सहकारी संस्थाओं तक जुड़े हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, धान खरीदी, उठाव और उपार्जन केंद्रों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की विशेष ऑडिट रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और डीएमआर खातों के जरिए नियमों के विपरीत किए गए ट्रांजेक्शन का उल्लेख है। इन लेन-देन की प्रकृति और लाभार्थियों की भूमिका अब जांच का प्रमुख विषय बनी हुई है।
विभागीय स्तर पर आठ कर्मचारियों को बर्खास्त किया जा चुका है, वहीं उनके खिलाफ चार्जशीट पेश करने की तैयारी भी अंतिम चरण में बताई जा रही है। दूसरी ओर एक-दो दिन के भीतर ईओडब्ल्यू एफआईआर दर्ज कर मामले की आपराधिक जांच शुरू कर सकती है। उल्लेखनीय है कि (अपेक्स बैंक) की बरमकेला शाखा में करीब 18.13 करोड़ रुपए के गबन के मामले में बैंक प्रबंधन ने दो दिन पहले शाखा प्रबंधक, लेखाधिकारी और लिपिक सहित कुल 8 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। साथ ही प्रकरण ईओडब्ल्यू को सौंपने का निर्णय लिया गया।
एफआईआर के बाद बैंक रिकॉर्ड, खातों की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन पड़ताल की जाएगी। जांच एजेंसियों का फोकस अब इस बात पर है कि गड़बडिय़ां केवल स्थानीय स्तर तक सीमित थीं या फिर इसके पीछे प्रदेशभर में फैला कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था। ईओडब्ल्यू की एंट्री के साथ ही इस बहुचर्चित गबन मामले में कई नए खुलासों और बड़े नामों के सामने आने की संभावना बढ़ गई है।
विभागीय जांच के बाद एक-दो दिन में ईओडब्ल्यू की टीम मामले में एफआईआर दर्ज कर सकती है। प्रारंभिक जांच में 8 अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी पाए जाने पर उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया है। - केदार गुप्ता, प्राधिकृत अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक)
Published on:
26 Jun 2026 02:24 pm
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