24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Beer lovers Update: छत्तीसगढ़ में मिलेगा फ्रेश क्राफ्ट बीयर सरकार ने दी मंजूरी, अब अलग-अलग फ्लेवर का मिलेगा स्वाद

Chhattisgarh Excise News: माइक्रो ब्रुअरी शुरू होने के बाद लोगों को लेमन, ऑरेंज, एप्पल, बेरी, व्हीट, डार्क, हनी और अन्य कई तरह के फ्लेवर वाली क्राफ्ट बीयर का स्वाद लेने का अवसर मिलेगा।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रायपुर

•

image

Love Sonkar

•

Updated: 27 Jun 2026, 10:19 AM IST

beer lovers

ताजी क्राफ्ट बीयर (photo AI)

Craft Beer in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़मेंबीयरपीनेकेशौकीनोंकेलिएअच्छीखबरहै। राज्यसरकारनेप्रदेशमेंमाइक्रो ब्रुअरी स्थापितकरनेकीअनुमतिदेदीहै। इसकेसाथहीआबकारीविभागअबइच्छुकनिवेशकोंऔरहोटलसंचालकोंकोलाइसेंसजारीकरसकेगा। इसफैसलेकेबादछत्तीसगढ़मेंपहलीबारस्थानीयस्तरपरतैयारकीजानेवालीक्राफ्ट बीयर काउत्पादनऔरबिक्रीशुरूहोनेकारास्तासाफहोगयाहै।

होटल और पर्यटन उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि माइक्रो ब्रुअरी की अनुमति मिलने से प्रदेश के होटल, रेस्टोरेंट और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। बड़े शहरों में आने वाले पर्यटकों और युवाओं के बीच क्राफ्ट बीयर की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में यह फैसला आतिथ्य उद्योग के लिए भी लाभकारी साबित हो सकता है।

निवेश और रोजगार के खुलेंगे अवसर

नई नीति लागू होने के बाद प्रदेश में निजी निवेश बढ़ने की संभावना है। माइक्रो ब्रुअरी की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े व्यवसायों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।

आबकारी विभाग जारी करेगा लाइसेंस

राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आबकारी विभाग माइक्रो ब्रुअरी के लिए लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। लाइसेंस जारी होने के बाद निर्धारित नियमों और मानकों के तहत होटल या अन्य पात्र संस्थान अपने परिसर में माइक्रो ब्रुअरी स्थापित कर सकेंगे।

सरकार को बढ़ेगा राजस्व

विशेषज्ञों का मानना है कि माइक्रो ब्रुअरी शुरू होने से राज्य सरकार के आबकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर प्रीमियम पेय पदार्थों का उत्पादन बढ़ने से उपभोक्ताओं को नए विकल्प मिलेंगे और बाहर के राज्यों पर निर्भरता भी कम होगी।

हालांकि, माइक्रो ब्रुअरी का संचालन आबकारी विभाग द्वारा तय किए गए नियमों, लाइसेंस शर्तों और गुणवत्ता मानकों के अनुसार ही किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य आधुनिक हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को बढ़ावा देने के साथ-साथ नियंत्रित और वैधानिक व्यवस्था के तहत इस उद्योग का विस्तार करना है।

सालाना 10 लाख रुपये लाइसेंस फीस

नई नीति के अनुसार माइको बुअरी संचालकों को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये लाइसेंस शुल्क जमा करना होगा। इसके माध्यम से आबकारी विभाग को राजस्व मिलेगा। माइक्रो ब्रुअरी को रोजाना एक हजार लीटर उत्पादन की अनुमति होगी। माइक्रो बुअरी के एक उत्पादित क्राफ्ट बीयर पर 60 प्रति बल्क लीटर उत्पाद शुल्क देय होगा, जबकि इसके एक गिलास की अनुमानित कीमत ढाई से तीन सौ रुपए तक हो सकती है।

बड़ी खबरें

View All

रायपुर

छत्तीसगढ़

ट्रेंडिंग