CG Raipur News : टाइल्स कारोबारी को क्रेडिट कॉर्ड लेने के 6 वर्ष बाद 48852 रुपए जमा करने के लिए एसबीआई क्रेडिट ने नोटिस जारी किया।
CG Raipur news : टाइल्स कारोबारी को क्रेडिट कॉर्ड लेने के 6 वर्ष बाद 48852 रुपए जमा करने के लिए एसबीआई क्रेडिट ने नोटिस जारी किया। बिना किसी लोन और बड़ा लेन देन नहीं करने के बाद भी नोटिस पर फोरम में परिवाद लगाया।
CG Raipur News : साथ ही बताया कि 2006 में उन्होंने एसबीआई से क्रेडिट कॉर्ड लिया था। इसका उपयोग केवल छोटे-मोटे खर्च के लिए करते थे, जिसका भुगतान चेक के जरिए करते आ रहे थे। बावजूद इसके एसबीआई क्रेडिट कार्ड ने परेशान करने के लिए 2 जनवरी 2012 नोटिस जारी किया। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने अध्यक्ष ने दस्तावेजों की जांच करने के बाद एसबीआई का नोटिस खारिज करते हुए कारोबारी को 15000 रुपए देने का आदेश दिया।
खर्च की गई रकम का भुगतान नहीं किया
CG Raipur News : एसबीआई क्रेडिट कार्ड कंपनी ने आयोग में अपना तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि कारोबारी द्वारा नियम और शर्तो को पढऩे के बाद क्रेडिट कार्ड लिया था। खर्च की गई राशि का समय पर भुगतान नहीं किया। इस वजह से कंपनी को बकाया राशि का भुगतान करना पड़ेगा। वहीं कारोबारी ने बताया कि उनके द्वारा खर्च की गई राशि का भुगतान चेक से किया गया है। इसका साक्ष्य भी प्रस्तुत किया गया। वहीं स्टेटमेंट मांगने पर उसे नहीं दिया गया। जिला आयोग के अध्यक्ष ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद एसबीआई क्रेडिट कॉर्ड की आपत्ति को खारिज कर दिया। कहा कि कंपनी ने कभी भी सही जानकारी नहीं दी जो अनुचित है। यह सेवा में निम्नता, अनुचित व्यापार की श्रेणी में आता है। इसलिए एसबीआई की नोटिस को खारिज करते हुए उपभोक्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 10 हजार और वाद व्यय के रूप में पांच हजार रूपए क्रेडिट कार्ड कंपनी को देने का फैसला सुनाया।
यह है मामला
CG Raipur News : टाइल्स कारोबारी प्रशांत नाग 46 वर्ष श्रीनगर निवासी ने अपनी सुविधा के लिए एसबीआई का क्रेडिट कॉर्ड लिया था। नोटिस मिलने से परेशान होकर उन्होंने अपने अधिवक्ता राजेश कुमार भावनानी के जरिए 6 फरवरी 2012 को क्रेडिट कार्ड कंपनी को नोटिस भेजा। साथ ही खर्च की गई राशि का स्टेटमेंट मांगा। इसका जवाब नहीं करने पर 1 जून 2012 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद पेश किया। आयोग अध्यक्ष अध्यक्ष डाकेश्वर प्रसाद शर्मा और सदस्य निरूपमा प्रधान ने प्रकरण की सुनवाई करने एसबीआई क्रेडिट कार्ड कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा।