
रायपुर . केंद्रीय बजट का विस्तृत विश्लेषण एवं इंकम टैक्स के प्रावधानों में हुए बदलावों पर आयकर बार एसोसिएशन और रायपुर ब्रांच के संयुक्त तत्वावधान में सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
आयकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मालू ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा डायरेक्टर टैक्स को रिफॉर्म करने के लिए एक टॉस्क फोर्स का गठन किया गया है, जो टैक्स लॉ को रिराइट कर केंद्र सरकार को रिपोर्ट पेश करेगी, फिर केंद्र सरकार उसके संबंध में अपना निर्णय लेगी और शायद इसी वजह से डायरेक्ट टैक्स लॉ में ज्यादा बदलाव के प्रस्ताव नहीं लाए गए हैं।
बजट 2018 बहुत संतुलित और सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिसके दूरगामी परिणाम होंगे। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में इंदौर से आए सीए मनीष डफरिया ने आयकर के प्रावधानों में आए महत्वपूर्ण परिवर्तनों को व्यवहारिक रूप में उदाहरण देकर समझाया। धारा 80डी के तहत आए परिवर्तन के द्वारा आमजन और मीडिल क्लास कैसे लाभान्वित हो सकता है, इसकी जानकारी दी।
प्रावधान के तहत अपने घर में किसी के बीमारी पर कोई भी मेडिकल के लिए किए गए खर्चों के छूट ले सकता है। पहले यह छूट केवल वरिष्ठ नागरिकों 80 साल के ऊपर उम्र वालों के लिए थी। अब यह सभी वरिष्ठ नागरिकों यानी 60 वर्ष से ऊपर उम्र वालों के लिए है।
जीएसटी को सरल बनाया चाहिए
अब 25000 से ऊपर वित्तीय लेन-देन करने पर सभी नॉन इंडिविजुअल को पैन नंबर लेना अनिवार्य होगा। जीएसटी के नियमों को करदाता के परिप्रेक्ष्य में सरल एवं व्यवहारिक बनाया जाना चाहिए। सेमीनार के प्रथम सत्र में आयकर बार के पूर्व अध्यक्ष पीसी मालू ने कहा कि प्रत्यक्ष कर का कलेक्शन अप्रत्यक्ष कर की तुलना में जितना अधिक होगा अर्थव्यवस्था उतनी ही बेहतर होगी। कार्यक्रम में आयकर बार एवं रायपुर सीए ब्रांच के सदस्य उपस्थित थे।