रायपुर

देश का एकमात्र मंदिर जहां शनिदेव विराजित हैं पत्नी के साथ, यहां पूजा करने वाले विवाहित जोड़े को मिलता हैं ये फल

आपको एक ऐसे शनि मंदिर के बारे में बताने वाले है जो बाकि मंदिरो से अलग है। जी हां, छत्तीसगढ़ में एक ऐसा शनि मंदिर हैं जहां...

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Jul 07, 2018
shani temple
देश का एकमात्र मंदिर जहां शनिदेव विराजित हैं पत्नी के साथ, यहां पूजा करने वाले विवाहित जोड़े को मिलता हैं ये फल

रायपुर. शनिदेव के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर देश के अलग अलग हिस्से में मौजूद है। आज हम आपको एक ऐसे शनि मंदिर के बारे में बताने वाले है जो बाकि मंदिरो से अलग है। जी हां, छत्तीसगढ़ में एक ऐसा शनि मंदिर हैं जहां शनि देव अपनी पत्नी के साथ विराजित है। एक तरफ जहां शनि मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है वहीं यह एक अनोखा मंदिर है।

शनि देव का ये मंदिर छत्तीसगढ़ के एक जिले कवर्धा में स्थित है। जहां भोरमदेव मार्ग से 15 किलोमीटर दूर एक गांव छपरी स्थित है। जहां से 500 किलोमीटर दूर मड़वा महल है। जहां से टेढ़े - मेढ़े पथरीले रास्तों को पार करते हुए गावं करियाआमा आता है, जहां ये मंदिर स्थित है। इस मंदिर में शनि देव अपनी पत्नी स्वामिनी के साथ पूजे जाते है। मिली जानकारी के अनुसार यह देश का एकमात्र मंदिर है जहां शनि देव और उनकी पत्नी की प्रतिमाएं एक साथ विराजमान हैं।

यहां के पुरोहित के मुताबिक वे काफी लंबे समय से भगवान शनिदेव की पूजा करने के लिए करियाआमा जाते रहे हैं। लगातार तेल डालने की वजह से प्रतिमा पर धूल-मिट्टी की काफी मोटी परत जम चुकी थी। एक दिन इस प्रतिमा को साफ किया गया तो वहीं शनिदेव के साथ उनकी पत्नी देवी स्वामिनी की भी प्रतिमा मिली।

इस मंदिर को देश का एकमात्र सपत्नीक शनिदेवालय का दर्जा मिला है, बाकी स्थानों पर शनिदेव की अकेली प्रतिमा ही स्थापित हैं। यह शनि मंदिर इसलिए भी प्रसिद्ध है क्योंकि यहां पति-पत्नी दोनों एक साथ शनिदेव की पूजा-अर्चना कर सकते हैं।

आसपास के लोगों ने बताया कि यहां साथ पूजा करने से पत्नी - पत्नी के रिश्ते में कोई बाधा नहीं आती। उनका शादीशुदा जीवन सरलता से चलता है। जाता जबकि देश के सबसे प्राचीन शनि मंदिरों में से एक शनि शिंगणापुर में भी पहले महिलाओं का प्रवेश वर्जित था। हालांकि, अब वहां महिलाओं को भी पूजा करने का अधिकार मिल गया है।

Published on:
07 Jul 2018 01:48 pm