
रायपुर . छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में वायु प्रदूषण के बढ़ते मामलों पर कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने प्रदूषण फैलाने वाले 13 उद्योगों को बंद कर बिजली काटने का फरमान जारी किया है। इसके साथ ही सभी विभागों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि वे ठंड के दिनों वायु प्रदूषण रोकने के लिए सभी प्रभावी कदम उठाएं।
विभाग ने उद्योगों को साथ चेतावनी जारी कर दी है कि प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों को बख्शा नहीं जाएगा। राजधानी के 3 और दुर्ग-भिलाई के 10 उद्योगों में वायु प्रदूषण रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं करने पर परिणाम भुगतना पड़ा है। पर्यावरण विभाग ने सभी नगरीय निकायों को आदेश जारी करते हुए कहा है कि बिल्डिंग निर्माण कार्यों ग्रीन नेट लागू करवाया जाए।
फरमान जारी
प्रदूषण मामले को राज्य सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदूषण रोकने के लिए व्यापक कार्यवाही के दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
बिल्डरों पर कसी जाएगी लगाम
नगरीय प्रशासन विभाग के जरिए अधोसंरचना कार्य में ग्रीन नेट के इस्तेमाल को लेकर सख्त चेतावनी जारी की गई है, वहीं इससे पहले पर्यावरण मंडल ने राजधानी के 10 से अधिक बिल्डरों को नोटिस थमाया है।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पर्यावरण संरक्षण मंडल ने उद्योग संचालकों के साफ कर दिया है कि प्रदूषण के खिलाफ आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी, लिहाजा उद्योगों में प्रदूषण रोकने सभी जरूरी उपाय किए जाए।
धूल पर पानी छिड़काव के निर्देश
नगर-निगमों को आदेश जारी किया गया है कि धूल पर पानी छिड़काव किया जाए, वहीं व्यस्तम सड़कों पर सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम पर निगरानी
औद्योगिक क्षेत्रों में लगाएं गए ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए औद्योगिक ईकाइयों से हो रहे उत्सर्जन पर भी निगरानी रखी जा रही है। पर्यावरण मंडल का कहना है कि 24 घंटे ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम के बेहतर परिणाम मिले हैं।
आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह ने कहा कि रायपुर सहित प्रदेश की परिवेशीय वायु गुणवत्ता ठंड के दिनों में प्रभावित ना हो इसके लिए कई निर्णय लिए गए हैं, वहीं अन्य विभागों को भी वायु प्रदूषण कम करने के लिए जरूरी उपाय किए जाने का दिशा-निर्देश जारी किया गया है।