
Iran-Israel War: छत्तीसगढ़ के रायपुर केंद्रीय जेल रायपुर के सिपाही कासिम रजा की बेटी-दमाद और दो बच्चे ईरान-इजराइल युद्ध के चलते ईरान के स्थानीय कोम शहर में फंसे हुए है। पिछले 30 घंटे से अधिक समय से कोई संपर्क नहीं होने के कारण परिजन परेशान हो गए है। ईरान में लगातार बदल रही स्थिति को देखते हुए उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार से सुरक्षित वापसी के गुहार लगाई है।
कासिम ने बताया उनकी बेटी ऐमन से आखिरी बार बुधवार की शाम को मोबाइल पर बात हुई। इस दौरान घ्रबराहट के कारण वह ठीक से बात नहीं कर पा रही थी। उसने बताया कि लाइट गुल होने और इंटरनेट बंद होने के बाद उनके परिवार से संपर्क नहीं हो पा रहा है। 24 घंटे विमान की आवाज इजराइल द्वारा बमबारी और मिसाइल के हमले के कारण कई स्टूडेंट घायल हैं। उन सभी को अन्य शहरों से कुम लाया जा रहा है।
भारतीय दूतावास से अब तक कोई सम्पर्क नहीं हुआ है। हम लोग निकलने की कोशिश कर रहे हैं। आप लोग परेशान मत होइए, जल्द वापस आ जाएंगे। बता दें कि रायपुर की रहने वाली सैय्यद ऐमन रजा का विवाह 2017 में दमोह मध्यप्रदेश निवासी एजाज जैदी के साथ हुआ था। विवाह के बाद 2018 में वह अपने दोनों बच्चों मुम्मतजीर (05) और मुर्तजा (03) के साथ ईरान के कोम शहर चली गई। वहां उनका दामाद मौलवियत (मौलाना) की पढ़ाई कर रहा है।
केंद्रीय जेल में एंबुलेंस चालक कासिम रजा और उनकी पत्नी शाहीन ने बताया कि अपनी पेटी ऐमन से आखिरी बार 18 जून की दोपहर 4 बजे कुछ देर के लिए बात हुई। इस दौरान वह सहमी हुई थी। बात करने के दौरान आवाज कटने के साथ ही अचानक मोबाइल डिस्कनेट हो गया। दोबारा उससे फिर संपर्क नहीं हो पा रहा है। ऐमन के पिता ने बताया कि उसकी बेटी पिछले 7 साल से स्टूडेंट वीजा पर ईरान में पति और दो बच्चे के साथ रहती है। अब उनके जल्द आने का इंतजार है।
कासिम और उनकी पत्नी शाहीन ने बताया कि जब से उनकी बेटी का फोन आया है तब से उनके हलक से निवाला तक नहीं जा रहा है। रात को नींद तक नहीं आ रही है कि उनकी बेटी-दामाद और बच्चे किस हाल में होंगे। 27 वर्षीय उनकी बेटी बीपी, थायरराइड की मरीज होने के कारण अक्सर बीमार रहती है। अक्सर उसे ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। तनाव और बीमार के साथ ही ईरान के हालात को देखते हुए सहमे हुए है।