Sirpur Mahotsav 2026: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर नगरी सिरपुर एक बार फिर कला, संगीत और संस्कृति के महाकुंभ का साक्षी बनने जा रही है।
Sirpur Mahotsav 2026: छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर नगरी सिरपुर एक बार फिर कला, संगीत और संस्कृति के महाकुंभ का साक्षी बनने जा रही है। आगामी 1 से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार महोत्सव में लोक परंपराओं के साथ शास्त्रीय, सूफी और बॉलीवुड संगीत का भव्य संगम देखने को मिलेगा।
जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग द्वारा महोत्सव को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि देश-प्रदेश से आने वाले पर्यटक और कला प्रेमी सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद ले सकें।
1 फरवरी को दोपहर 12 बजे से महोत्सव का शुभारंभ होगा। पहले दिन का मुख्य आकर्षण दिल्ली के प्रसिद्ध भक्ति गायक बाबा हंसराज रघुवंशी रहेंगे, जो अपनी शिव भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर करेंगे।
सिरपुर महोत्सव 2026 में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भव्य समागम देखने को मिलेगा। पहले दिन खैरागढ़ विश्वविद्यालय के कलाकार कत्थक और ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति देंगे, वहीं रायपुर की ‘रंग-झांझर’ लोक नृत्य टीम भी अपने जलवे बिखेरेगी। शास्त्रीय संगीत प्रेमियों के लिए प्रो. डॉ. लवली शर्मा सितार वादन प्रस्तुत करेंगे, जबकि सुश्री सुरेखा कामले ध्रुपद गायन से वातावरण को मंत्रमुग्ध कर देंगी।
दूसरे दिन यानी 2 फरवरी की शाम इंडियन आइडल के सितारे नितिन कुमार, नचिकेत लेले और वैशाली रायकवार अपनी सुमधुर आवाज से महोत्सव को जीवंत बनाएंगे। इसके अलावा सूफी संगीत और कबीर गायन की प्रस्तुति भी आयोजित होगी। भिलाई की पुष्पा साहू ‘नवा किस्मत’ नामक लोक कला मंच के माध्यम से दर्शकों को लोक संस्कृति का अद्भुत अनुभव कराएँगी।
तीसरे दिन, 3 फरवरी को महोत्सव का समापन बॉलीवुड संगीत के तड़के के साथ होगा। मुंबई के मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर और प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स अपने सुपरहिट गानों की प्रस्तुति के साथ सिरपुर महोत्सव 2026 का शानदार समापन करेंगे।
मुंबई के मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर और प्लेबैक सिंगर मीत ब्रदर्स अपनी सुपरहिट बॉलीवुड गानों की प्रस्तुति से दर्शकों को झूमने पर मजबूर करेंगे। महोत्सव में सिर्फ बॉलीवुड संगीत ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। इसके तहत पंथी नृत्य, बस्तरिहा नाच और डंडा नृत्य जैसी पारंपरिक प्रस्तुतियां मंचित की जाएंगी, जो दर्शकों को क्षेत्रीय सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत अनुभव कराएँगी।
पर्यटकों के लिए विशेष इंतजाम
जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा, पार्किंग, यातायात, पेयजल और स्वच्छता सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। सिरपुर आने वाले पर्यटक न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे, बल्कि बौद्धकालीन ऐतिहासिक स्थलों का भी भ्रमण कर सकेंगे। सिरपुर महोत्सव 2026 एक बार फिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, संगीत और विरासत को राष्ट्रीय फलक पर स्थापित करने जा रहा है।