रायपुर

NEET UG 2026: परीक्षा देने से पहले खरीदना पड़ा नया लोअर, कोई भूल गया आधार कार्ड, 2 मिनट की देरी ने तोडा सपना

NEET UG 2026: पेरेंट्स धूप से बचने के लिए जतन करते नजर आए। बातचीत में पैरेंट््स ने बताया कि पढ़ाई के दौरान बच्चों का खास ख्याल रखना पड़ता है।
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May 04, 2026
NEET UG 2026: परीक्षा देने से पहले खरीदना पड़ा नया लोअर, कोई भूल गया आधार कार्ड, 2 मिनट की देरी ने तोडा सपना
नीट यूजी का पेपर देते छात्र (Photo AI)

NEET UG 2026: मेडिकल में प्रवेश के लिए राजधानी के अनेक केंद्रों में रविवार को नीट यूजी का आयोजन किया गया। रायपुर, माना और नवा रायपुर के 26 सेंटरों में 11 बजे से एंट्री शुरू हो गई थी, लेकिन आखिरी समय तक गहमागहमी बनी रही। कोई ओरिजनल आधार कार्ड भूल गया तो कोई फोटो लेकर नहीं आया था। बोतल से स्टीकर तक हटवाए जा रहे थे। यहां तक कि जिन बोतलों पर पानी की मार्किंग संबंधी जानकारी लिखी थी, उन्हें भी अलाऊ नहीं किया गया।

अधिकांश सेंटर्स के बाहर छांव की व्यवस्था नहीं थी, जिससे पेरेंट्स धूप से बचने के लिए जतन करते नजर आए। बातचीत में पेरेंट्स ने बताया कि पढ़ाई के दौरान बच्चों का खास ख्याल रखना पड़ता है।

घुटने में चोट, पुलिसकर्मी ने दिया सहारा

सेंटर: प्रो. जेएन पांडेय स्कूल,
छोटा पारा
समय: 11.45 बजे
रिपोर्टिंग टाइम से ही अभ्यर्थियों का प्रवेश शुरू हो गया था। निरीक्षक द्वारा सबसे पहले सेंटर का नाम जांचा जा रहा था। भीतर से एडीसीपी की गाड़ी निकल रही थी। किसी से पेन तो किसी से हेयर बेल्ट निकलवाया जा रहा था। खुशी नाम की अभ्यर्थी की मां ने निरीक्षक से निवेदन किया कि बेटी के पांव में परेशानी है। निरीक्षक ने महिला पुलिसकर्मी से कहा कि उन्हें सेंटर तक छोड़ आएं। खुशी की मां ने बताया कि घुटने के लिगामेंट में चोट आई है। प्लास्टर लगा था, जिसे घर पर उतारकर वह परीक्षा देने आई है।

बटन लगा लोअर छोड़ नया पहना, तब प्रवेश

सेंटर: छत्तीसगढ़ कॉलेज, बैरनबाजार
समय: 12.10 बजे
रोड से लगे छत्तीसगढ़ कॉलेज में एंट्री गेट पर ज्यादा भीड़ हो गई थी, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ। कुछ अभ्यर्थी नथनी या कान की बाली पहनकर पहुंचे थे, जिन्हें निकालने कहा गया। कुछ अभ्यर्थी लोअर पहनकर आए थे, लेकिन उसमें बटन लगे हुए थे। उन्हें बदलने को कहा गया। संडे के कारण बाजार बंद होने से वे कुछ देर परेशान हुए। बाद में पास की दुकान का पता लगाकर नया लोअर खरीदकर लौटे, तब जाकर प्रवेश मिल सका।

नियम ऐसा कि आंसू भी नहीं दिला पाए प्रवेश

सेंटर: दानी गल्र्स स्कूल, कालीबाड़ी
समय: 1.05 बजे

गेट के बाहर एक कोचिंग सेंटर ने शामियाना लगाकर कोङ्क्षचग सामग्री वितरित की और कुर्सी-पानी की व्यवस्था भी की, जिससे पेरेंट्स को राहत मिली। हालांकि डेढ़ बजे के बाद टेंट हटवा दिया गया। 1 बजकर 33 मिनट पर एक छात्रा अपने पिता के साथ पहुंची, लेकिन उसे एंट्री नहीं दी गई। वह रोने लगी। प्राचार्य को फोन कर प्रवेश दिलाने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। करीब एक घंटे बाद निराश मन से छात्रा परिवार संग लौट गई।

Updated on:
04 May 2026 11:22 am
Published on:
04 May 2026 11:21 am
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