
Student Protest Video Viral @विनोद जैन: छत्तीसगढ़ के गोबरा नवापारा के पीएम श्री शासकीय हरिहर आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में शुक्रवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब बड़ी संख्या में छात्राएं स्कूल गेट के सामने धरने पर बैठ गईं। छात्राओं ने विद्यालय की प्राचार्य फाकरा खानम दानी पर मानसिक प्रताड़ना, अभद्र व्यवहार, अनुचित वसूली और डराने-धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे।
प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें कक्षा से बाहर निकालने, प्रायोगिक परीक्षा में कम अंक देने और फेल करने की धमकी दी जाती है। उनका आरोप है कि विद्यालय में ऐसा माहौल बना दिया गया है, जिससे वे लगातार मानसिक दबाव में रह रही हैं। छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनके चरित्र को लेकर अनुचित टिप्पणियां की जाती हैं और कई बार उनके अभिभावकों के लिए भी अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।
छात्राओं ने दावा किया कि विद्यालय में निर्धारित 500 रुपये शुल्क के अलावा 500 रुपये अतिरिक्त विभिन्न व्यवस्थाओं के नाम पर लिए जाते हैं। उनका कहना है कि इस अतिरिक्त राशि की कोई आधिकारिक रसीद भी नहीं दी जाती। छात्राओं ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय परिसर में मटन बनाया और खाया जाता है तथा चपरासी से बर्तन धुलवाए जाते हैं। हालांकि, प्राचार्य फाकरा खानम दानी ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा, “मैंने न तो स्कूल में मटन खाया है और न ही किसी कर्मचारी से बर्तन धुलवाए हैं। विद्यालय में अनुशासन बनाए रखना मेरी जिम्मेदारी है।”
हंगामे की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और छात्राओं को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद छात्राओं को विद्यालय परिसर के अंदर भेजा गया। इसी बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से चर्चा कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
प्राचार्य ने बताया कि कुछ छात्राओं को अनुशासनहीनता के कारण पांच दिनों के लिए निलंबित किया गया था, जिसे अब वापस ले लिया गया है। साथ ही शनिवार को पालकों की बैठक बुलाकर पूरे मामले पर चर्चा करने की बात कही गई है। अब इस पूरे प्रकरण में शिक्षा विभाग की जांच और पालकों की बैठक के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।