Ukraine Russia News: यूक्रेन-रूस के युद्ध के बीच भारतीय छात्रों के संघर्ष का सिलसिला जारी है। यूक्रेन से छत्तीसगढ़ के छात्रों ने परिजनों को बताया कि युद्ध शुरू होने के दो दिन तक स्थिति ठीक थी, लेकिन उसके बाद आसमान से गिरती मिसाइल और गोलियों की गूंज डरा देती थी। ब्रेड, पानी के सहारे जिंदा रहे और कंपकंपाती ठंड में संघर्ष करते रहे। तीन दिन पूर्व दूतावास के शेल्टर होम में पहुंचे तो वहां राहत मिली।
रायपुर. Ukraine Russia News: यूक्रेन-रूस के युद्ध के बीच भारतीय छात्रों के संघर्ष का सिलसिला जारी है। शनिवार-रविवार को यूक्रेन से छत्तीसगढ़ के 12 छात्र लौटे है। दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन-सदन में आराम करने के बाद शाम 6 बजे की फ्लाइट से रायपुर वापस लौटे और परिजनों को आपबीती बताकर फफक पड़े।
छात्रों ने परिजनों को बताया कि युद्ध शुरू होने के दो दिन तक स्थिति ठीक थी, लेकिन उसके बाद आसमान से गिरती मिसाइल और गोलियों की गूंज डरा देती थी। ब्रेड, पानी के सहारे जिंदा रहे और कंपकंपाती ठंड में संघर्ष करते रहे। तीन दिन पूर्व दूतावास के शेल्टर होम में पहुंचे तो वहां राहत मिली। लौटे कुछ छात्रों की तबीयत खराब है। छात्रों की तबियत खराब होने की जानकारी सार्वजनिक होने पर दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ भवन में पदस्थ नोडल जानकारी देने से बच रहे है।
परिजन भी परेशान
यूक्रेन में छत्तीसगढ़ के 200 से ज्यादा छात्र और नागरिक फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। अब तक 188 छात्र वापस लौट चुके है। यूक्रेन में फंसे हुए छत्तीसगढ़ के अन्य छात्रों ने पालकों को यूक्रेन की स्थिति से रुबरु करवाकर वहां से निकालने की अपील की है। अपने बच्चों की जानकारी यूक्रेन मामले के समन्वयक गणेश मिश्र को देने के लिए परिजन फोन मिला रहे हे, लेकिन वे फोन रीसिव नहीं कर रहे हैं।
ये लोग आए वापस
शनिवार-रविवार को यूक्रेन से वापस आए छात्रों का नाम आकांक्षा बैस-दल्ली राजहरा, घनश्याम साहू- रायपुर, भूमिका-जांजगीर चापा, भूपेश कुमार पटेल- महासमुंद, जितेंद्र सेन- बेमेतरा, रोशन लाल साहू-बेमेतरा और मयंक बताया जा रहा है। पांच अन्य छात्रों का नाम दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में पदस्थ अधिकारियों ने सार्वजनिक नहीं किया है।