CG News: गरीबी के दौर से गुजरते हुए सुनील ने संगीत को अपनी साधना बना लिया। वे बताते हैं, पहिली कमाई महज दु रुपया अउ नारियल रहिस। ओ बखत के हर अनुभव आज प्रेरणा बन गे हवय।
CG News: @Tabeer Hussain. छत्तीसगढ़ी फिल्मों के संगीतकार और गायक सुनील सोनी को किशोर साहू राज्य अलंकरण समान से नवाजा गया है। उन्होंने कई छत्तीसगढ़ी फिल्मों, भजनों और लोकगीतों में अपनी आवाज दी है। उनकी गायकी की पहचान उनकी मौलिक आवाज से होती है जिसे सुनते ही श्रोता कहते हैं ए तो सुनील के गाना हवय।
समान मिलने के बाद उन्होंने सादगी भरे अंदाज में कहा, ये सब गुरुमन के आशीर्वाद अउ जनता के मया से संभव हो पाए हे। गरीबी के दौर से गुजरते हुए सुनील ने संगीत को अपनी साधना बना लिया। वे बताते हैं, पहिली कमाई महज दु रुपया अउ नारियल रहिस। ओ बखत के हर अनुभव आज प्रेरणा बन गे हवय।
मेरे गुरु पं. जागेश्वर प्रसाद देवांगन रहे हैं। बचपन में मैं पिताजी के साथ कलाकारी करने जाता था। उन दिनों सवा रुपए और नारियल में ही कार्यक्रम बुक हो जाया करते थे। दो रुपए तो बहुत बड़ी बात होती थी। गुरु अक्सर कहा करते थे कि सुनील की मौलिक आवाज है। देखना एक दिन इतना नाम कमाएगा कि लोग कहेंगे कि ये सुनील है। उनकी यह बात ही मेरे लिए प्रेरणा बनी।
5000 से ज्यादा गीत गा चुके सोनी बताते हैं, बचपन में मैं पाउडर के बड़े डिब्बे को बजाते हुए गाता था। मुझे ऐसा लगता था कि माइक पर गा रहा हूं। मां-पिता चाहते थे कि मैं पढ़ाई करूं लेकिन मैं एवरेज रहा। संगीत कला में निरंतर अभ्यास और प्रयास के साथ गुरुओं के आशीर्वाद से मैं इस मुकाम में पहुंचा हूं। जो भी सीखा गुरुओं से सीखा। आज भी सीख रहा हूं। पैसे को मैंने कभी महत्त्व नहीं दिया, संगीत की दुनिया में सेवा भाव से जुड़ा।