रायपुर

अंबिकापुर कांड पर टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान, बोले– खुलेआम हो रही दरिंदगी, सत्ता देख रही तमाशा

Political reaction to the Ambikapur rape: अंबिकापुर में दुष्कर्म और हत्या की घटना पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी व सख्त सजा की मांग की।
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Updated: 4 Apr 2026, 1:47 PM IST
टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान (photo source- Patrika)
टीएस सिंहदेव का बड़ा बयान (photo source- Patrika)

T. S. Singh Deo statement: Ambikapur में हुई दुष्कर्म और हत्या की दर्दनाक घटना को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री T. S. Singh Deo ने राज्य सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने इस घटना को बेहद शर्मनाक और झकझोर देने वाला बताते हुए कहा कि इससे पूरे समाज में गहरी पीड़ा और आक्रोश का माहौल है।

T. S. Singh Deo statement: दुष्कर्म की घटना पर टीएस सिंह देव का बड़ा बयान

टीएस सिंह देव ने कहा कि हमारी अंबिकापुर की एक बेटी के साथ दुष्कर्म और उसकी निर्मम हत्या कर दी गई। ये हैवानियत दिल्ली के निर्भया कांड की तरह दिल दहला देने वाली है। क्रोध भी है, पीड़ा भी है, और एक गहरा सवाल भी – क्या हमारी बेटियां अब सड़कों पर भी सुरक्षित नहीं?

सिंहदेव ने कहा, यह निर्मम अपराध इस सरकार की नाकामी का खुला ऐलान है। जब शहर का सबसे व्यस्त इलाका भी सुरक्षित नहीं तो यह सरकार आखिर किस बात का शासन चला रही है? यह सरकार पूरी तरह नाकाम है। न कानून का डर, न व्यवस्था की पकड़, अपराधी खुलेआम दरिंदगी कर रहे हैं और सत्ता सिर्फ तमाशा देख रही है।

उन्होंने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर शहर के व्यस्त और प्रमुख इलाके भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उनके मुताबिक, अपराधियों में कानून का कोई भय नहीं रह गया है और प्रशासन की पकड़ कमजोर होती नजर आ रही है, जिसके चलते इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा: सिंहदेव

T. S. Singh Deo statement: सिंहदेव ने इस घटना को सरकार की विफलता करार देते हुए कहा कि केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है। उन्होंने मांग की कि मामले के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पूरी प्रक्रिया को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। उनका मानना है कि ऐसे जघन्य अपराधों में सख्त दंड, यहां तक कि मृत्युदंड जैसे कठोर प्रावधानों पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए, ताकि समाज में एक सशक्त संदेश जाए और भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लग सके।

उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना को किसी भी हाल में भुलाया नहीं जाना चाहिए और न ही इसे दबाने की कोशिश होनी चाहिए। यह केवल एक पीड़िता के लिए न्याय की लड़ाई नहीं, बल्कि प्रदेश की हर बेटी की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है। समाज और शासन दोनों को मिलकर ऐसी घटनाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाना होगा, ताकि महिलाओं के प्रति सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके।

Updated on:
4 Apr 2026, 1:47 PM IST
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