टेक्नोलॉजी डे पर जानिए शहर में तकनीक का क्या हो रहा असर
ताबीर हुसैन @ रायपुर. इन दिनों हर चीज में लोग नई टेक्नोलॉजी सर्च करते हैं। एक हिसाब से वर्जन का दौर चल रहा है। एक गया नहीं, दूसरा वर्जन आने लगता है। मोबाइल, गैजेट से लेकर घरेलू सामानों में भी तकनीकी पक्ष मजबूत हो रहा है। यहां तक की आइपीएल में भी टेक्नोलॉजी का जबर्दस्त उपयोग किया गया है। ११ मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है। ११ मई से राजस्थान के पोखरण में परमाणु परीक्षण किया गया था। इस दिन से यह दिवस तकनीक को लेकर सेलिब्रेट किया जाता है। आज कुछ एेसी तकनीक पर बात करेंगे जो हमें मिलने वाली है या यूज की जा रही है।
ईंट में भी तकनीक
एक सीमेंट कंपनी ने एक एेसा ईंट का प्रोडक्शन शुरू किया है, जिससे बनने वाले घर का तापमान बाहर के तापमान से करीब ५ डिग्री कम रहेगा। सुभाष सेन ने बताया, छत्तीसगढ़ में गर्मी ज्यादा रहती है, इसलिए यह नई तकनीक यहां लाई गई है।
सैमसंग में ऑटो रीड ऑप्शन
सैमसंग ने अपने मोबाइल में एक एेसा एेप्स लॉन्च किया जिसमें आप किसी भी विजिटिंग कार्ड को स्कैन करेंगे वह सारी चीजों को ऑब्जर्व करते हुए ऑटोमेटिक सेव कर लेता है। इसमें नाम, नंबर, इमेल सारी चीजें अलग-अलग फार्मेट में सेव हो जाती है।
गं दे पानी का री-साइकिल
शहर के अवंति विहार स्थित एक प्राइवेट रेसीडेंसी में 32 लाख रुपए की लागत से एसटीपी यूनिट लगाई गई है। जिससे गंदे पानी को री-साइकिल कर गार्डन वगैरह में यूज किया जाता है। सोसायटी का गंदा पानी एक टैंक में एकत्र होता है। इसके बाद एसटीपी यूनिट में जाकर पानी कई केमिकल्स से मिलकर साफ किया जाता है। हालांकि पीने के लिए इसका उपयोग नहीं किया जा रहा है।