Raipur heatwave 44 degree: रायपुर में तापमान 44 डिग्री के पार पहुंचने से जनजीवन प्रभावित है। बढ़ती गर्मी, प्रदूषण और कंक्रीटीकरण के कारण शहर ‘भट्ठी’ जैसा बन गया है।
Chhattisgarh Heatwave: 44 डिग्री तापमान के पार पहुंचते मौसम ने रायपुर को भठ्ठी में बदल दिया है और राहत की तलाश में लोग तेजी से एसी की ओर रुख कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि हर दूसरे-तीसरे घर में एसी लग रहा है, जबकि मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण रॉ मटेरियल की सप्लाई प्रभावित होने से कीमतें 5 हजार रुपए तक बढ़ चुकी हैं।
कारोबारियों का अनुमान है कि इस साल छत्तीसगढ़ में 3.50 लाख से ज्यादा एसी बिकेंगे, जो पिछले साल की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक होगा। बढ़ती गर्मी, कंक्रीटीकरण, हरियाली की कमी और प्रदूषणकारी गतिविधियों के कारण कूलर अब नाकाफी साबित हो रहे हैं, जिससे एसी जरूरत बनता जा रहा है। इधर विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान बढ़ाने में न सिर्फ एसी की बाहर फेंकने वाली गर्म हवा बल्कि प्रदूषण, कार्बन, ग्लोबल वार्मिंग आदि भी प्रमुख कारण हैं।
लेकिन बढ़ता है तापमान: विशेषज्ञों का कहना है कि एसी सीधे 4-5 डिग्री तापमान नहीं बढ़ाते, लेकिन बड़ी संख्या में चलने से बाहर निकलने वाली गर्म हवा शहर के माइक्रो-क्लाइमेट को प्रभावित कर रही है, जिससे रात का तापमान कम नहीं हो पा रहा और गर्मी का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है।
इलेक्ट्रानिक्स कारोबारियों के मुताबिक प्रदेश में एयर कंडीशनर का व्यवसाय 100 करोड़ रुपए पार हो चुका है। 30 हजार रुपए औसत की कीमत के मुताबिक बीते वर्ष 3.50 लाख यूनिट बिक्री के मुताबिक 105 करोड़ रुपए का व्यवसाय हुआ, जो कि इस वर्ष 25 प्रतिशत अधिक होने की संभावना है। रविवार को भी एसी की दुकानें खुली रह रही हैं।
कारोबारियों के मुताबिक एयर कंडीशनर कंपनियों की मल्टीनेशनल कंपनियां देशभर के भीतर मैन्युफेक्चङ्क्षरग कर रही है, लेकिन रॉ मटेरियल्स की सप्लाई विदेशों से होती है, जिसमें गैस से लेकर कॉपर आदि शामिल हैं। मिडिल ईस्ट वार की वजह से विदेशों से रॉ मटेरियल्स के आयात में प्रभाव आया है।
तापमान बढऩे के कई अलग-अलग कारण हैं, जिसमें ग्लोबल वार्मिंग है, जिससे पृथ्वी का पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ रहा है। एयर कंडीशनर की संख्या ज्यादा होने से बसाहट और एरिया के मुताबिक आस-पास के तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है— श्यामा प्रसाद महापात्र, एचओडी, इनवायरमेंटल केमेस्ट्री, एनआईटी
प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और कार्बन ने भी शहर का तापमान बढ़ाया है। ग्रीनरी कम हुई है। शासन-प्रशासन को ज्यादा से ज्यादा ग्रीनरी पर ध्यान देना चाहिए— शम्स परवेज, प्रोफेसर, रसायन, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय
एसी की मांग में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष व्यवसाय 25 प्रतिशत अधिक होने की संभावना है। बीते वर्ष 3.5 लाख यूनिट्स एसी की बिक्री दर्ज की गई थी। जिस तरह तापमान बढ़ रहा है, गर्मी से बचने के लिए एसी अब शहर ही नहीं गांव में भी तेजी से बढ़ रहा है— अमित बग्गा, इलेक्ट्रानिक्स कारोबारी