रायपुर

दवा निगम की राजनीति, एमडी को नोटिस के बावजूद अब तक नही आया जवाब

सीएम ऑफिस के हस्तक्षेप और स्वास्थ्य मंत्री के अनुमोदन पर एमडी पर लगाए गए सिविल सेवा नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप

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Apr 26, 2018
chhattisgarh medicine corporation
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रामराव ने कहा- मेरे कार्यालय में घुसकर मुझे दी गई धमकी, लेकिन एक महीने बाद भी नहीं दिया कारण बताओ नोटिस का जवाब

रायपुर . एसीबी द्वारा 24 मार्च को छत्तीसगढ़ दवा निगम के उपमहाप्रबंधक वीरेंद्र जैन को एक लाख 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े जाने के महज 10 दिनों पहले दवा निगम के प्रबंध संचालक वी. रामाराव को सिविल सेवा नियमावली के विरुद्ध आचरण किए जाने को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। दिलचस्प यह है कि जिस व्यक्ति आकाश मिश्रा की शिकायत पर एमडी को नोटिस भेजा गया, उसी व्यक्ति की शिकायत पर वीरेंद्र जैन की गिरफ्तारी हुई।

आश्चर्यजनक तथ्य यह है कि मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर रामराव को इस नोटिस का जवाब 15 दिनों में देना था, लेकिन दो महीने बीतने के बावजूद आजतक जवाब नहीं दिया गया और न ही उन पर कोई कार्रवाई की गई। जबकि इस दौरान दवा निगम पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे। यह नोटिस स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया था।

चर्चा में रहे दवा निगम के प्रबंध संचालक वी. रामाराव के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय को मार्च में गंभीर शिकायतें मिली थी। रामाराव द्वारा आकाश मिश्रा को लाइजनर पद से हटाने को लेकर तीन दवा कंपनियों को चि_ी लिखी गई थी, जबकि बतौर लोकसेवक वह किसी निजी संस्थान के व्यक्ति के खिलाफ ऐसा पत्र नहीं लिख सकते थे। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन के माध्यम से आकाश मिश्रा दवाइयां व उपकरण की सप्लाई करता था। उसकी बड़ी रकम भी सीजीएमएससी में बकाया है। आकाश मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मेरी चिट्ठी पर जब स्वास्थ एवं परिवार कल्याण विभाग ने जवाब तलब किया। उसके बाद वीरेंद्र जैन मुझसे मिला और मुझसे प्रबंध संचालक से माफी मांगने को कहने लगा। वह यह भी कह रहा था कि तुम कर्मचारियों के साथ दुव्र्यवहार के आरोप को भी स्वीकार कर लो।

माना जाए?

‘पत्रिका’ से बातचीत में रामाराव ने कहा कि मुझे जो नोटिस दिया गया है, उसका जवाब मैं जल्द ही दे दूंगा। अभी तक केवल एक पक्ष को सुना गया है। मेरे पक्ष को नहीं सुना गया है। उन्होंने कहा कि यह सच्चाई है कि आकाश मिश्रा ने मेरे कार्यालय में घुसकर मुझे धमकी दी थी। उसके बाद उन्होंने वीरेंद्र जैन को फंसाने के लिए साजिश रची। वह बोले कि मुझे विभाग के अधिकारियों से कोई शिकायत नहीं है। जब उनके पास कोई बात आएगी तो वह सवाल जरूर करेंगे और मैं उन्हें बताऊंगा कि मेरे साथ क्या-क्या किया गया? कैसे विभाग की गुप्त चीजों को मीडिया में लीक किया गया।

Published on:
26 Apr 2018 10:15 am