Real estate Fraud: रायपुर और दुर्ग-भिलाई को जोड़ने वाले स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) प्लान के तहत जमीन कारोबार में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। करीब 600 एकड़ क्षेत्र में भूमाफिया द्वारा किसानों से सौदे और अवैध प्लाटिंग के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
Real estate Fraud: दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर नवा रायपुर, रायपुर व दुर्ग-भिलाई को आउटर से जोडऩे के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के प्लान में अब जमीन का खेल शुरू हो चुका है। पत्रिका ने अपनी पड़ताल में पाया कि करीब 600 एकड़ क्षेत्रफल में जमीन अधिग्रहण का डर दिखाकर भूमाफिया किसानों से सौदा कर रहे हैं। इसकी वजह से अवैध प्लाटिंग चरम पर हैं। इधर मास्टर प्लान लागू नहीं होने की वजह से आउटर में खरीदी-बिक्री पर भी रोक नहीं है।
नवा रायपुर से लेकर अमलेश्वर, दतरेंगा, पाहंदा, झीट, सांकरा, मोतीपुर, पाटन रोड सहित खारून नदी किनारे और दुर्ग-भिलाई के कृषि क्षेत्र में भूमाफिया सक्रिय हो चुके हैं। खेतों को छोटे-छोटे प्लॉट में काटकर बेचा जा रहा है, जबकि इन क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण और लैंड यूज बदलना तय है।
‘पत्रिका’ ने अपने ग्राउंड रिपोर्टिंग में पाया कि जहां एससीआर का दायरा प्रस्तावित है, वहां जमीनों की खरीदी-बिक्री सबसे ज्यादा जारी है। नवा रायपुर से लेकर दुर्ग-भिलाई आउटर तक जमीनों की कीमत प्रति एकड़ 3 करोड़ से लेकर 10 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। इस पूरे कारोबार में भूमाफिया 6 से लेकर 30 करोड़ रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं।
210 पदों के सेटअप को मंजूरी, लेकिन मास्टर प्लान अटका: सूत्रों के मुताबिक स्टेट कैपिटल रीजन के लिए 210 पदों की मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन क्षेत्र की सीमा और मास्टर प्लान अभी तय नहीं हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि कम से कम एससीआर के दायरे में आने वाले गांवों की सूची तत्काल जारी की जानी चाहिए। ताकि अनियोजित कॉलोनियों का जाल फैलने से रोका जा सके।
राजधानी के एडवोकेट मनोज सिंह ठाकुर ने बताया कि मास्टर प्लान लागू होने के बाद जमीनों का उपयोग बदलेगा और अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू होगी। ऐसे में अभी से जमीन बेचकर माफिया मामला खत्म कर रहे हैं। एससीआर का मास्टर प्लान जल्द लागू नहीं हुआ तो अनियंत्रित प्लाटिंग से भविष्य में बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है,वहीं परेशानी वास्तविक खरीदार को होगी, जिन्हें मुआवजा, डायवर्जन, लैंड यूज और राजस्व प्रक्रिया में उलझना पड़ सकता है।
आवास एवं पर्यावरण विभाग विशेष देवेंद्र सिंह भारद्वाज ने कहा की सचिव स्टेट कैपिटल रीजन का मास्टर प्लान अभी जारी नहीं हुआ है। यह प्रक्रियाधीन है। एससीआर में पदों के सेटअप को मंजूरी मिल चुकी है। अवैध प्लाटिंग रोकने के लिए नगरीय प्रशासन व स्थानीय निकायों को एक्शन लेना चाहिए।