17 जुलाई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

छत्तीसगढ़ के किसान अब बिजली बेचकर कमा रहे पैसा, 1500 से शून्य हुआ बिल, सोलर प्लांट ने बदली जिंदगी

Solar Power Income: राजनांदगांव के किसान का 1,500 रुपये तक का बिजली बिल शून्य हो गया। अब अतिरिक्त सोलर बिजली ग्रिड में बेचकर आय भी अर्जित करेंगे।
2 min read
Google source verification
Chhattisgarh News

किसान अब बिजली बेचकर कमा रहे पैसा (Photo Patrija)

PM Surya Ghar: प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ में ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक बदलाव का जरिया बनती जा रही है। राजनांदगांव जिले के ग्राम जंगलेसर निवासी किसान रामेश्वर प्रसाद चंद्राकर इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरे हैं। कभी हर महीने बिजली बिल भरने वाले रामेश्वर आज अपने घर की छत पर लगे रूफटॉप सोलर प्लांट से न केवल अपनी बिजली की जरूरत पूरी कर रहे हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचकर आय अर्जित करने की तैयारी भी कर रहे हैं।

बैंक की मदद से लगाया 2 किलोवॉट का सोलर प्लांट

रामेश्वर प्रसाद चंद्राकर ने फरवरी 2026 में बैंक की वित्तीय सहायता से अपने घर की छत पर 2 किलोवॉट क्षमता का रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया। इस परियोजना पर उन्हें सरकार की ओर से 90 हजार रुपये की सब्सिडी मिली, जिससे सोलर प्लांट लगवाने का खर्च काफी कम हो गया। उनका कहना है कि योजना का लाभ मिलने के बाद सोलर सिस्टम लगवाना आसान हो गया और अब इसका फायदा पूरे परिवार को मिल रहा है।

1,500 रुपये तक का बिजली बिल हुआ शून्य

सोलर संयंत्र लगने से पहले रामेश्वर के घर हर महीने 1,000 से 1,500 रुपये तक का बिजली बिल आता था। लेकिन अब उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। घर की जरूरत की पूरी बिजली सोलर प्लांट से मिल रही है, जिससे हर महीने हजारों रुपये की बचत हो रही है।

अतिरिक्त बिजली बेचकर होगी कमाई

रामेश्वर का सोलर संयंत्र प्रतिदिन 5 से 8 यूनिट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन करता है। गर्मी के मौसम में यह उत्पादन बढ़कर 12 से 14 यूनिट प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। घरेलू उपयोग के बाद बची हुई बिजली सीधे बिजली ग्रिड में चली जाती है। नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत इस अतिरिक्त बिजली का वार्षिक समायोजन किया जाएगा और उसका भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में किया जाएगा।

मोबाइल ऐप से रखते हैं हर यूनिट का हिसाब

रामेश्वर अपने सोलर प्लांट की पूरी निगरानी मोबाइल एप के जरिए करते हैं। एप पर वे रोजाना बिजली उत्पादन, खपत और ग्रिड में भेजी गई अतिरिक्त बिजली की जानकारी देखते हैं। उनका कहना है कि तकनीक की मदद से बिजली प्रबंधन आसान हो गया है और इससे पारदर्शिता भी बनी रहती है।

गांव के 40 से 50 परिवार हुए प्रेरित

रामेश्वर की सफलता का असर अब पूरे गांव में दिखाई देने लगा है। उनके अनुभव से प्रेरित होकर ग्राम जंगलेसर के लगभग 40 से 50 परिवार भी अपने घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगवा चुके हैं। रामेश्वर स्वयं ग्रामीणों को अपने मोबाइल एप में बिजली उत्पादन के आंकड़े दिखाते हैं और योजना का लाभ लेने के लिए प्रेरित करते हैं।