इस पाठशाला में स्कूली बच्चों के साथ महिलाएं भी शामिल हुई
रायपुर . राजधानी रायपुर में चौतरफा शराब को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खासकर एेसे इलाकों में जहां स्कूल के सामने शराब दुकान खुले हैं। शराब दुकान के खिलाफ बच्चे पढ़ाई खिलाई छोड़कर 1 अप्रैल से धरना-प्रदर्शन में बैंठे हुए हैं। इसे देखते हुए अब और लोग भी शराब दुकान के खिलाफ अपनी अवाज बुलंद कर रहे हैं। शहर से लगे डूंडा में उस वक्त सरकार के खिलाफ विरोध के सूर तेज हो गए जब यहां के एक स्कूल में रमन की पाठशाला लगाई गई। इस पाठशाला में स्कूली बच्चों के साथ महिलाएं भी शामिल हुई। पढि़ए पूरी खबर
बच्चों ने बताई मन की बात
रमन की इस पाठशाल में बच्चों ने दिल खोलकर अपन पीड़ा बताई और सरकार को कोसा। एक बच्चे ने कहा कि स्कूल से छुटने के बाद हमें बचकर घर जाना होता है। हमेशा कुछ अनहोनी होने का डर सताता है। एेसे में कोई कैसे पढ़ाई कर पाएगी। सीएम रमन से गुजारिश करते हुए शराब दुकान को बंद करने की अपील की। एक ने कहा कि गुस्से में शराब लेने आए लोगों को महिलाओं और बच्चों ने जमकर पीटा।
इधर शहर में भी शराब दुकान को हटाने कांग्रेस ने खोला मोर्चा
शहर के लाखेनगर चौक के पास स्थित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। शहर जिला कांग्रेस ने आज स्थानीय लोगों से बंद का आव्हान किया था। लोगों ने इसमें अपना समर्थन भी दिया। जिसके चलते लाखेनगर चौक से लेकर रायपुरा चौक तक व्यापारिक दुकानें एवं संस्थाएं बंद रहीं।
लाखेनगर चौक स्थित शराब दुकान के कारण ना केवल वहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बन गया है, बल्कि शराब खरीददारों के कारण चौक पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में यहां लोगों को इस रास्ते से आने-जाने में तकलीफों का सामना करना पड़ता है। शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने कई बार प्रदर्शन किया है। इसके अलावा कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किया। बावजूद शराब दुकान को हटाने शासन, प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
आज एक बार फिर कांग्रेस की अगुवाई में शराब दुकान को यहां से हटाने की मांग को लेकर लाखेनगर चौक से लेकर रायपुरा तक पदयात्रा निकाली। दुकानों के साथ-साथ पेट्रोल पम्प भी बंद रहे। इधर बंद के दौरान कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में शराब दुकान के पास एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन किया।