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सरकार ने मानी किसानों की 8 0 में से 58 मांगें

प्रतापगढ़ गत दिनों किसानों के आंदोलन के बाद सरकार झुकी और 80 में से 58 मांगों पर सहमति जताई है।
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प्रतापगढ़

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प्रतापगढ़ गत दिनों किसानों के आंदोलन के बाद सरकार झुकी और 80 में से 58 मांगों पर सहमति जताई है। इस पर किसानों ने खुशियां मनाई। किसानों ने बुधवार को मंडी सभा की और मिठाइयां बांटी।
भारतीय किसान संघ के प्रान्त युवा प्रमुख सोहनलाल आंजना ने किसानों और सरकार के बीच चली वार्ता और सहमति को पढ़कर सुनाया।
उन्होंने बताया कि अधिकांश मांगें सरकार द्वारा किसानों के हित में मान ली है। जल्द ही लागू करने की सहमति पर किसानों के साथ मिठाइयां बांटकर नारेबाजी करके खुशियां मनाई वहीं राज्य सरकार को धन्यवाद ज्ञापित किया
भारतीय किसान संघ के जिला जैविक प्रमुख मुन्ना लाल तेली ने बताया कि संगठन के आह्वान पर 15 जून से किसानों के अनिश्चितकालीन प्रदेश के सभी संभाग मुख्यालयों पर महापड़ाव चल रहे थे। महापड़ाव के पांचवें दिन संगठन के पदाधिकारियों के साथ जयपुर में कृषि से संबंधित सरकार के सभी मंत्रियों गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी के साथ लगातार 11 घंटे वार्ता चली।
उसके बाद किसान संघ ने पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन मंडियों के बंद के आह्वान को वापस लिया। सरकार को धन्यवाद देते हुए सभी जिलों में किसानों के साथ मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। साथ ही राजस्थान के सभी जिलो में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में कृषि से संबंधित जिले के सभी अधिकारियों के साथ स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान के लिए किसान संघ के प्रतिनिधि वार्ता करेंगे। जल्द ही राजस्थान के सभी जिलों के साथ प्रतापगढ़ जिले में भी जिले के अधिकारियों के साथ स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए वार्ता की जाएगी।
इस मौके पर भारतीय किसान संघ चित्तौड़ प्रांत युवा प्रमुख सोहनलाल आंजना, जिला अध्यक्ष पन्नालाल डांगी, जिला उपाध्यक्ष बहादुरलाल आंजना, रामचंद्र आंजना, पूर्व जिला अध्यक्ष रामेश्वरलाल कुमावत, जिला जैविक प्रमुख मुन्नालाल तेली, जिला दुग्ध एवं डेयरी प्रमुख कैलाश पाटीदार, प्रतापगढ़ तहसील अध्यक्ष नंदलाल गुर्जर, तहसील मंत्री मुकेश पाटीदार, अरनोद तहसील अध्यक्ष गणपतलाल पाटीदार, भंवरलाल डांगी, अनोपसिंह डांगी, बालमुकन सेन, मदनलाल आंजना सहित कई किसान मौजूद थे।
इसके बाद सभी पदाधिकारियों ने कृषि मंडी का निरीक्षण कर मंडी सचिव से मुलाकात की। जिसमें छपरों में व्यापारियों का माल नहीं रखने के लिए कहा गया।
वही बारिश से पूर्व पूरी मंडी की साफ -सफाई करने व किसानों के माल तुलाई में व्यपारियो द्वारा नमण नहीं लिए जाने पर सहमति बनी है ।

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