
छत्तीसगढ़ का पहला प्लास्टिक पार्क (Photo PatriKa)
CG First Plastic Park: @विनोद डोंगरे। छत्तीसगढ़ का पहला प्लास्टिक पार्क अब भी अधूरा है। मार्च 2025 तक जिसे बनकर तैयार हो जाना था, उसे पूरा होने में अभी और कितना वक्त लगेगा, कहना मुश्किल है। राजधानी के सरोरा-उरला औद्योगिक क्षेत्र में 47 करोड़ की लागत से प्रस्तावित इस पार्क का निर्माण छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के द्वारा कराया जाना है। निर्माण के नाम पर लगभग 47 एकड़ जमीन को घेरकर उसके भीतर रोड बनाने और गड्ढों को पाटने का काम जारी है।
47 एकड़ में प्रस्तावित है पार्क
46.7 करोड़ की लागत प्रस्तावित
2025 मार्च तक पूर्ण होना था कार्य53 प्लॉट के होने थे टेंडर
इस प्लास्टिक पार्क को स्थापित करने का उद्देश्य यह है कि इससे प्लास्टिक इंडस्ट्रीज को बढ़ावा मिलेगा तथा इससे हाउसहोल्ड प्लास्टिक आयटम्स, पीवीसी पाइप, मोल्डेड चेयर, कंटेनर आदि का निर्माण किया हो सकेगा। इससे रोजगार सृजन भी होगा। इसके अतिरिक्त प्लास्टिक वेस्टेज की रीसायक्लिंग प्रोसेस होती, जिससे राजधानी या अन्य शहरों में बेतरतीब फैले कूड़े को (जिनकी रीसायक्लिंग संभव है) कलेक्ट करके उसका निर्माण किया जा सकता था। प्लास्टिक से फैलने वाले प्रदूषण को रोकना भी इसका उद्देश्य है।
सितंबर 2025 में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने एक समीक्षा बैठक के दौरान सीएसआईडीसी को इस पार्क का काम तेज करने कहा था। उन्होंने 30 अक्टूबर 2025 तक अधोसंरचना विकास पूरा करने कहा था। हालांकि शुरुआती डेटलाइन के हिसाब से इसे मार्च 2025 तक पूरा होना था। जानकारी मिली है कि इस पार्क के लिए तय किए गए 53 प्लॉट के लिए आवेदन भी आ गए हैं, लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा ही नहीं हुआ है, इसलिए निवेशकों की भी रुचि नहीं रही।
पार्क में सड़क, पानी, बिजली आदि की बात तो छोडि़ए अभी तक प्रशासनिक भवन नहीं संचालित हो सका है। 'पत्रिका' ने जब मौके का जायजा लिया तो पाया कि प्रशासनिक भवन तैयार है, लेकिन आसपास मलबा पड़ा है। उनमें शराब की खाली बोतलें बिखरी पड़ी हैं। आसपास काम जरूर चल रहे हैं, लेकिन मौके पर कोई जिम्मेदार नहीं मिला।
प्लास्टिक पार्क का काम कब तक पूरा होगा, कहना मुश्किल है। अब तक शिफि्टंग नहीं हो पाई। वहां सुविधाएं नहीं विकसित हुईं, इसलिए प्लास्टिक उत्पादकों को अब नए प्लान का इंतजार है। नई उद्योग नीति से कुछ उम्मीद है, लेकिन वह भी समय से पूरा हो तो अच्छी बात है।
सीएसआईडीसी को अधोसरंचना विकास में तेजी लाने के निर्देश दिए गए थे। 30 अक्टूबर 2025 तक निर्माण पूरा करने कहा गया था, ताकि निवेशकों को आकर्षित करते हुए जल्द निर्माण और रोजगार शुरू किया जा सके। अब देखना पड़ेगा कि आखिर क्यों इतना विलंब किया जा रहा है।
Updated on:
28 Apr 2026 03:36 pm
Published on:
28 Apr 2026 03:35 pm
बड़ी खबरें
View Allरायपुर
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
