फर्जी पुलिस बनकर युवकों ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को लूट लिया। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने खुद को पुलिस वाला बताया।
रायपुर. फर्जी पुलिस बनकर युवकों ने इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को लूट लिया। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 2 सितंबर की है, लेकिन थाने में एफआईआर गुरुवार को हुई। इससे मामला संदेहास्पद हो गया है।
पुलिस के मुताबिक तिल्दा-नेवरा के ग्राम तुलसी निवासी युगल किशोर वर्मा अपने दो साथियों के साथ बाइक से 2 सितंबर को दुर्ग से घर जा रहा था। रात करीब 11 बजे टाटीबंध के केडिया बिजनेस पार्क के सामने टाटा सूमो में सवार प्रेम सिंह, गोविंद और भारत मिले। उन्होंने तीनों को रोका और खुद को पुलिस वाला बताया। आरोपियों ने खुद को पुलिस वाला बताया।
इसके बाद तीनों को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। और सरोना होते हुए तेलीबांधा की ओर निकल गए। एक युवक पीडि़तों की मोटरसाइकिल लेकर पीछे-पीछे चलता रहा। तेलीबांधा के पास आरोपियों ने तीनों से पैसे मांगे। पैसे नहीं मिलने उनसे मोबाइल छीन लिया। और धमकाया कि मोबाइल लेना है, तो पैसे लेकर आ जाना। इसके बाद युवकों को वहीं छोड़कर फरार हो गए। पुलिस का दावा है कि आरोपियों के वाहन की नंबर प्लेट में एक राजनीतिक दल का अध्यक्ष लिखा हुआ था। पीडि़त युवक बीआईटी में इंजीनियरिंग के छात्र हैं।
ढूंढते रहे आरोपियों को
पुलिस के मुताबिक पीडि़त आरोपियों को पुलिस जवान मान लिया था। उन्होंने दो दिन बाद आरोपियों को फोन किया और मोबाइल देने के लिए मिलने का समय मांगा। आरोपियों ने उसे जयस्तंभ चौक बुलाया। पीडि़त जयस्तंभ चौक पहुंचे। वहां आरोपी नहीं मिले। इसके बाद 9 सितंबर को फोन किया। आरोपियों ने उन्हें टाटीबंध बुलाया। आरोपी टाटीबंध में भी नहीं मिले। इसके बाद उसी शाम पचपेढ़ीनाका में बुलाया। इससे पीडि़तों को आरोपियों के फर्जी पुलिस होने का शक हुआ।
चरोदा में घुमते दिख गए आरोपी
इस बीच पीडि़तों को आरोपी प्रेम सिंह और गोविंद चरोदा में मोटरसाइकिल में घुमते दिख गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दिया। इसके बाद आमानाका पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी प्रेम सिंह चरोदा इलाके में खुद को जोगी कांग्रेस का कार्यकर्ता बताता है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूट गए मोबाइल व वाहन जब्त कर लिया है। देरी से एफआईआर कराने के पीछे पीडि़तों ने आरोपियों की तलाश करना बताया है।