2 जून 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सुशासन तिहार में फिर विवाद! अधिकारियों से भिड़े नगर पालिका अध्यक्ष, बोले- अपमान सहने नहीं आए हैं

Nagar Palika Adhyaksh Controversy: रायपुर के मंदिर हसौद में आयोजित सुशासन तिहार शिविर में नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी और अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई।

3 min read
Google source verification
Sushasan Tihar Controversy

सुशासन तिहार में हंगामा (photo source- Patrika)

Sushasan Tihar Controversy: रायपुर जिले के मंदिर हसौद में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस समय विवादों में आ गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष और अधिकारियों के बीच मंच पर ही तीखी बहस हो गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष कार्यक्रम में मौजूद अव्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर करते दिखाई दे रहे हैं।

बताया जा रहा है कि शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी ने मंच से लोगों की समस्याओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए। आरोप है कि इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें मंच से नीचे उतरने के लिए कहा, जिसके बाद माहौल अचानक गरमा गया।

Sushasan Tihar Controversy: “जनता की आवाज उठाई तो हटाने की कोशिश हुई”

नगर पालिका अध्यक्ष गोपाल चतुर्वेदी का कहना है कि उन्होंने केवल जनता की समस्याओं को प्रशासन के सामने रखने की कोशिश की थी। उनके मुताबिक शिविर में कई लोग घंटों से अपनी समस्याओं को लेकर बैठे थे, लेकिन अधिकारियों द्वारा उनकी बातों को गंभीरता से नहीं सुना जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब उन्होंने मंच से इन मुद्दों को उठाया, तो अधिकारियों ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें मंच से हटाने की कोशिश की। इस घटना से नाराज होकर उनके समर्थकों ने मौके पर नारेबाजी शुरू कर दी। गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि जनता का अपमान है। उन्होंने साफ कहा कि पूरे मामले की शिकायत कलेक्टर से की जाएगी।

वीडियो वायरल, राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में नगर पालिका अध्यक्ष अधिकारियों से बहस करते नजर आ रहे हैं, वहीं समर्थक नारेबाजी करते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुशासन तिहार जैसे कार्यक्रम का उद्देश्य जनता की समस्याओं का समाधान करना है, लेकिन मंच पर हुए विवाद ने पूरे आयोजन का माहौल बिगाड़ दिया।

शिविर में पहुंचे सैकड़ों ग्रामीण

सुशासन तिहार 2026 के तहत सोमवार को आरंग क्षेत्र के मंदिर हसौद में जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और जरूरी दस्तावेजों से संबंधित आवेदन लेकर पहुंचे थे। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही कई मामलों का निराकरण भी किया गया। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार शिविर में कुल 381 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 मामलों का तत्काल समाधान किया गया। इन आवेदनों में राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य जनसेवा से जुड़े प्रकरण प्रमुख रहे। मौके पर ही कई लोगों की समस्याओं का समाधान होने से ग्रामीणों में संतोष का माहौल भी देखने को मिला।

हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ

शिविर के दौरान विभिन्न विभागों की ओर से कई जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी वितरित किया गया। मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम कार्ड और उनके नवीनीकरण के साथ ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े कार्य किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 14 हितग्राहियों को लाभान्वित किया, जबकि कृषि विभाग ने 3 किसानों को खाद और बीज वितरित किए।

परिवहन विभाग द्वारा 3 लोगों को लर्निंग लाइसेंस जारी किए गए। वहीं समाज कल्याण विभाग ने 22 पेंशन प्रकरणों का निराकरण किया। खाद्य विभाग ने 50 राशन कार्ड और 3 उज्ज्वला कनेक्शन वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग ने 5 आयुष्मान कार्ड बनाए। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 12 हितग्राहियों को आवास की चाबी भी सौंपी गई।

Sushasan Tihar Controversy: प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में एडीएम उमाशंकर बंदे, एसडीएम अभिलाषा पैकरा, मुख्य नगर पालिका अधिकारी पूजा पिल्ले सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि मंच पर हुए विवाद ने पूरे आयोजन की चर्चा को एक अलग दिशा दे दी। अब यह देखना होगा कि नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा कलेक्टर से शिकायत किए जाने के बाद प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाता है।