आ गया चेक में लिखा हुआ पेन की स्याही मिटाने वाला ये चीज, इन दो बदमाशों ने की लाखों की ठगी
रायपुर. हमेशा चेक का इस्तेमाल कर लेन-देन करने वाले लोग सावधान हो जाए। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में सामने आए एक ठगी के केस ने पुलिस विभाग के अफसरों के होश उड़ा दिए हैं। पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दो ऐसे बदमाशों को पकड़ा है जो चेक में लिखें हुए को मिटाकर अपनी मर्जी के मनामाने रुपए लिखकर बैंक से अपने एकाउंट में ट्रांसफर कर लेते थे। जानिए पूरा मामला..
एक अखबार का प्रबंधक बनकर लोगों को लगाया लाखों का चूना
दरअसल क्राइम ब्रांच की टीम ने अंतर्राज्यीय ठग गिरोह के 2 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा एक अखबार का प्रबंधक व मैनेजर बनकर नियमित पाठकों को योजना का लाभ दिलाने शुल्क के रूप में चेक लेकर मिटने वाली स्याही का उपयोग कर ठगी की जाती थी।
एएसपी राजेश अग्रवाल ने बताया कि नवकार टायर्स दुकान जीई रोड राजनांदगांव के संचालक शिरिष जैन ने 16 मार्च 2018 को कोतवाली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया था कि आरोपी राहुल कुमार और पंकज शुक्ला अपने आप को अखबार का एक्सिक्युटिव और मैनेजर बता कर दुकान में पहुंचे थे। इस दौरान आरोपियों ने अखबार का वार्षिक शुल्क में छूट की योजना बताकर वार्षिक शुल्क के रूप में 360 रुपए का चेक लिए थे। कुछ दिनों बाद उसी चेक से आगरा उत्तरप्रदेश के कनक सानवी ज्वेलर्स को 206999 (दो लाख छ: हजार नौ सौ निनानबे रूपए) का भुगतान किया गया।
जांच के दौरान क्राईम ब्रांच की टीम को मामले से जुड़े कुछ तथ्य हाथ लगे। भिलाई के कुरूद क्षेत्र से अमित कुमार जो मूलत: बिहार का रहने वाला है एवं वर्तमान में कुरूद भिलाई में किराए से रह रहा है को पूछताछ करने थाना लाया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपने साथी मोहम्मद इरशाद के साथ मिलकर घटना को अंजाम देने की बात स्वीकारी। आरोपी अमित ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह अपने साथी इरशाद के साथ मिलकर अखबार का प्रबंधक बनकर योजना का लाभ दिलाने के नाम पर शुल्क राशि को चेक के माध्यम से लेते थे और उक्त चेक में अपनी दी हुई मिटने वाली पेन से भरवाते थे एवं बाद में रकम मिटाकर अपनी आवश्यकतानुसार रकम भरकर चेक से भुगतान कर देते थे।
आगरा के ज्वेलरी दुकान से खरीदी
रुपए निकलने की जानकारी बैंक स्टेंटमेंट के माध्यम से प्रार्थी को पता चला। प्रार्थी ने पुलिस को बताया कि उसने वह चेक मात्र 360 रूपये अखबार के योजना शुल्क के लिए भुगतान किया था। मामले की जांच में जब क्रा्रईम ब्रांच की टीम आगरा के स्टेट बैंक पहुंची तो उसी चेक से 206999 रूपए का भुगतान ज्वेलरी खरीदने का मामला सामने आया। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि उक्त चेक पर पहले मिटने वाली स्याही से रकम प्रार्थी से भरवाई गई थी जिसे बड़ी चालाकी से आरोपियों द्वारा मिटाकर 206999 रूपए भरकर आगरा के कनक सानवी ज्वेलर्स में ज्वेलरी खरीदकर भुगतान किया गया।
दिल्ली व बिहार के निवासी है आरोपी
पुलिस ने आरोपी अमित कुमार पिता मनोज कुमार उम्र 27 साल निवासी जनता बाजार जिला छपरा बिहार हाल कुरूद भिलाई एवं उसके साथी मोहम्मद इरशाद पिता मोहम्मद फारूख उम्र 23 साल निवासी हर्ष विहार दिल्ली हाल कुरूद भिलाई को गिरफ्तार कर दोनों के पास से स्याही मिटने वाली पेन एवं 1 नग मोबाईल फोन जप्त किया। पूछताछ में आरोपियों ने राजनांदगांव के अलावा भिलाई, रायपुर, आगरा, मथुरा, पटना, कानपुर एवं जयपुर में भी इस तरह की ठगी करने की बात स्वीकार किया। पुलिस द्वारा संबंधित थाना से संपर्क कर ठगों की पकडऩे जाने की दे दी गई है।