CG Crime: पुलिस ने उनकी पत्नी दीपा और बेटियों से कड़ाई से पूछताछ की। इसमें तीनों ने मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है।
CG Crime: मोबाइल सुविधा से साथ ही पारिवारिक कलह और रिश्तों की हत्या की वजह बन रही है। राजधानी में एक व्यक्ति की उसकी पत्नी और दो बेटियों ने मोबाइल देखने से मना करने पर हत्या कर दी। फिर हत्या को छुपाने उन्हें बाथरूम से गिरना बताकर अस्पताल में भर्ती करवा दिया। इसका खुलासा होने पर पुलिस ने उसकी पत्नी और दोनों बेटियों के खिलाफ मर्डर का केस दर्ज किया है। तीनों को हिरासत में ले लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक न्यू चंगोराभाठा निवासी वीरेंद्र भारती गोस्वामी (50) नवा रायपुर में बीज विपणन संघ में प्यून के रूप में पदस्थ थे। 27 सितंबर 2025 की रात उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में उसकी पत्नी दीपा भारती गोस्वामी और बेटी तनिया भारती गोस्वामी ने अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिवार के अन्य लोगों ने संदेह के आधार पर डीडी नगर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट अप्रैल 2026 में आई। इसमें वीरेंद्र की पीट-पीटकर हत्या करने का खुलासा हुआ। उनके शरीर में 17 गंभीर चोट के निशान मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने उनकी पत्नी दीपा और बेटियों से कड़ाई से पूछताछ की। इसमें तीनों ने मिलकर हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
मोबाइल देखने से रोका था पिता ने
पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात वीरेंद्र और सभी लोग खाना खा चुके थे। रात 11 बजे सातवीं में पढ़ने वाली उनकी नाबालिग बेटी मोबाइल देख रही थी। वीरेंद्र ने उन्हें मोबाइल देखने से मना करते हुए डांटा। इसी से विवाद बढ़ा। उनकी बड़ी बेटी तनिया भी नाबालिग का सपोर्ट करने लगी, तो पिता वीरेंद्र उस पर भी भड़क गया। इस बीच उनकी पत्नी दीपा भी पहुंच गई और वह भी बेटियों को सहयोग करने लगी। विवाद और ज्यादा बढ़ गया। इसके बाद दीपा, तनिया और नाबालिग ने एक होकर लकड़ी के बैट व ईंट से वीरेंद्र पर हमला कर दिया। तीनों ने उसके सिर पर इतने वार किए कि वह लहुलूहान होकर फर्श में गिर पड़ा। सिर, चेहरे व अन्य हिस्सों काफी खून बहने से वे बेहोश हो गए।
घटना के बाद तीनों बेहोश वीरेंद्र को नजदीकी अस्पताल ले गए। अस्पताल में और अन्य रिश्तेदारों को तीनों ने वीरेंद्र को बाथरूम में गिरने से बेहोश होना बता दिया। इसके बाद तीनों ने हत्या के सबूत मिटाने घर के फर्श में गिरे खून को साफ कर दिया। कपड़े, लकड़ी व ईंट को पास के नाले में फेंक दिया।
वीरेंद्र के शव को पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान डॉक्टरों को उनके बॉडी में चोट के 17 निशान मिले। इससे मृतक की हत्या का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1), 238, 3(5) के तहत केस दर्ज किया। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।