सीएमआईई के आंकड़ों के अनुसार देश में बेरोजगारी की दर घटकर हुई 6.5 फीसदी
रायपुर. छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी की दर मार्च के अंत तक घटकर 2.7 फीसदी रह गई है, जो राष्ट्रीय स्तर पर देश में बेरोजगारी की दर 6.5 फीसदी से काफी कम है। छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर में सुधार आया है, वहीं हरियाणा में स्थिति और अधिक खराब हुई है, यहां मार्च महीने में बेरोजगारी दर रेकॉर्ड 28.1 फीसदी पर बनी हुई है।
शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 7.2 फीसदी और ग्रामीण क्षेत्रों में 6.3 फीसदी रेकॉर्ड की गई है। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि में बढ़े कामकाज और शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के तेज होने का परिणाम माना जा रहा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी के अनुसार, वित्त वर्ष की पहली तिमाही के अंत में राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर 6.5 फीसदी हो गई है। फरवरी के 6.9 फीसदी की तुलना में इसमें 0.4 फीसदी तक की कमी आई है।
सेंटर फर मानिटरिंग इंडियन इकोनामी (सीएमआईई) के मुताबिक असम में 1.1 फीसदी, कर्नाटक में 1.2 फीसदी, मध्यप्रदेश और ओडिशा में 1.6 फीसदी, सिक्किम में 1.7 फीसदी, गुजरात में 2.1 फीसदी और छत्तीसगढ़ में 2.7 फीसदी पाई गई है। अगर कोरोना के कारण स्थिति ज्यादा गंभीर होती है, तो राष्ट्रीय स्तर पर बेरोजगारी दर में दोबारा बढ़ोतरी हो सकती है। पिछले वर्ष कोरोना महामारी के कारण देशभर में लॉकडाउन लगाना पड़ा था और अप्रैल, 2020 में बेरोजगारी दर 23.52 फीसदी के रेकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी। आपको बता दें कि भारत में असंगठित क्षेत्र में नौकरियों पर नजर रखने के लिए कई सरकारी मैट्रिक्स अपनाए जाते हैं। जैसे सीएमआईई सर्वे लेबर मार्केट पर नजर रखने के लिए एक प्रॉक्सी के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।