रायपुर

Raipur News: हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ा ग्रामीण, कंपनी पर लगाया जमींन कब्ज़ा करने का आरोप

Raipur News: सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज सुबह उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए सिलतरा चौकी इलाके में स्थित हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। ग्रामीणों ने किशन को टावर पर चढ़े देखा।
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Mar 16, 2026
Raipur News: हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ा ग्रामीण, कंपनी पर लगाया जमींन कब्ज़ा करने का आरोप
हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ा ग्रामीण (Photo Patrika)

Raipur News: रायपुर के सिलतरा औद्योगिक इलाके में सोमवार को एक ग्रामीण हाईटेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गया। सोंडरा गांव के रहने वाले किशन लाल निषाद ने फॉर्चून मेटल प्राइवेट लिमिटेड पर जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया है। उसने अपनी जमीन को भू-माफिया और कंपनी के कब्जे से छुड़ाने की मांग की है। किशन लाल निषाद का आरोप है कि, उसकी पुश्तैनी जमीन पिछले 12 साल से फॉर्चून मेटल प्राइवेट लिमिटेड के अवैध कब्जे में है। वह पिछले एक दशक से अधिक समय से शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहा है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला।

लाउडस्पीकर लेकर खड़े अधिकारी

सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर आज सुबह उसने आत्मघाती कदम उठाते हुए सिलतरा चौकी इलाके में स्थित हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। ग्रामीणों ने किशन को टावर पर चढ़े देखा। सूचना मिलते ही SDM, तहसीलदार और धरसीवां थाना पुलिस का भारी बल मौके पर पहुंचा। हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत पूरे इलाके की बिजली सप्लाई (लाइट) कटवा दी है। नीचे खड़े अधिकारी लाउडस्पीकर के जरिए किशन लाल को नीचे उतरने की अपील कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण अपनी जमीन को तत्काल मुक्त करने की लिखित गारंटी की मांग पर अड़ा हुआ है।

कंपनी पर जमीन कब्जा करने का लगाया आरोप

परिजनों का कहना है कि, किशन लाल ने पहले भी कई बार शिकायत दर्ज कराई थी कि सोंडरा स्थित उसकी जमीन पर कंपनी ने जबरन कब्जा कर रखा है। तहसीलदार और SDM मौके पर मौजूद हैं और कंपनी प्रबंधन से भी दस्तावेज तलब किए गए हैं। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ग्रामीण को सुरक्षित उतारने के लिए रेस्क्यू टीम और जाल की व्यवस्था भी कर रहा है।

सिलतरा औद्योगिक क्षेत्र रायपुर जिले का एक प्रमुख इंडस्ट्रियल हब है, जहां बड़ी संख्या में निजी कंपनियां और फैक्ट्रियां संचालित होती हैं। औद्योगिक विकास के चलते इस क्षेत्र में जमीन से जुड़े विवाद भी समय-समय पर सामने आते रहे हैं, खासकर ग्रामीणों और कंपनियों के बीच भूमि अधिग्रहण और कब्जे को लेकर।

स्थानीय स्तर पर कई मामलों में यह आरोप लगते रहे हैं कि किसानों या ग्रामीणों की जमीन का उचित मुआवजा या स्पष्ट दस्तावेजी प्रक्रिया के बिना उपयोग किया जा रहा है। ऐसे मामलों में प्रभावित लोग अक्सर प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर काटते हैं, लेकिन लंबे समय तक समाधान नहीं मिलने पर विरोध या आत्मघाती कदम उठाने जैसी घटनाएं भी सामने आती हैं।

Updated on:
17 Mar 2026 02:31 pm
Published on:
16 Mar 2026 02:13 pm