Water Crisis: राजधानी में पानी की समस्या बढ़ गई है। अब निगम ने टेंडर जारी कर जोरा और खम्हारडीह क्षेत्र में ज्यादा टैंकर दौड़ा रहे हैं।
Water Crisis in Raipur: लो प्रेशर और डिस्टि्रब्यूशन लाइन आधी-अधूरी बिछी होने का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। लोगों को पेयजल के लिए गर्मी के शुरुआत से परेशान होना पड़ता है। नगर निगम के सभी जोनों में ऐसी स्थिति निर्मित हो रही है कि दो से तीन टैंकर लगाए गए हैं। सबसे अधिक पानी की समस्या जोरा और खम्हारडीह क्षेत्र में हैं। वहां पानी टंकी नहीं है। 15 दिन पहले ही खम्हारडीह क्षेत्र में नई पानी टंकी का निर्माण कराने के लिए टेंडर फाइनल हुआ है। परंतु अभी निर्माण शुरू नहीं हुआ है। टैंकरों से जलापूर्ति के लिए डेढ़ करोड़ रुपए का टेंडर फाइनल हो गया है।
पेयजल समस्या से निपटने के लिए नगर निगम के पास खुद के 20 से 25 टैंकर हैं। दो से तीन टैंकर जोनों में हैं। अभी उन्हीं टैंकरों से कई मोहल्लों और कॉलोनियों में पानी भेजा जा रहा है। शनिवार की दोपहर सड्डू क्षेत्र में पानी टैंकर से सप्लाई जारी रही। जल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि 150 एमएलडी क्षमता के प्लांट से जिन 11 टंकियों से सप्लाई प्रभावित हुई थी, उन टंकियों से सुबह से सामान्य सप्लाई शुरू हो गई थी। इस समय फिल्टर प्लांट में 320 एमएलडी रॉ वाटर को फिल्टर करके शहर की 46 टंकियों को 4 से 5 मीटर तक भरा जा रहा है। मई और जून में डिमांड ज्यादा बढ़ने की स्थिति में इन टंकियों को 7 मीटर तक भरने पर वार्डों के टेड एंड तक पानी फोर्स से पहुंचाना पड़ता है।
नगर निगम टैंकरों से जलापूर्ति कराने के लिए डेढ़ करोड़ रुपए का टेंडर फाइनल हो गया है। एक ट्रिप सप्लाई पर 560 रुपए के हिसाब से ठेकेदारों को नगर निगम भुगतान करेगा। शहर में जहां-जहां जरूरत पड़ेगी, उन क्षेत्रों की मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी जोन कमिश्नरों की होगी। इसके अलावा टेंकरों से पानी बिक्री को रोकने के लिए जीपीएस सिस्टम से कराने का निर्णय निगम मुख्यालय स्तर पर लिया गया है। जल विभाग के अफसरों के अनुसार सोमवार तक ठेकेदारों के लिए वर्कआर्डर जारी हो सकता है।
शहर के कई प्रभावित क्षेत्रों में जलापूर्ति सामान्य रूप से कराने के लिए महापौर मीनल चौबे ने तीन क्षेत्रों में नई पानी टंकी के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया है। काम पूरा होने पर करीब 30 से 40 हजार घरों को सीधे नलों से पानी मिलेगा। दीक्षानगर गुढि़यारी, जोन 1 खमतराई क्षेत्र और जोन 3 के खम्हारडीह क्षेत्र के लोगों को अभी टैंकरों से ही प्यास बुझाने की व्यवस्था में निगम के अफसर लगे हुए हैं।
कार्यपालन अभियंता,नरसिंह फरेंद्र ने बताया कि सामान्य रूप से जलापूर्ति के लिए महापौर ने सख्त निर्देश जारी किया है। जल बोर्ड ने सर्वे कराने के साथ ही हर वार्ड के क्षेत्रों को सूचीबद्ध कर लिया है। टैंकरों से जलापूर्ति के लिए 560 रुपए प्रति ट्रिप के हिसाब से टेंडर फाइनल हुआ है।