Water Issue In Raipur : करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद साल-दर-साल शहर के लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है।
Water Issue In Raipur : करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद साल-दर-साल शहर के लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ता है। अब गर्मी का सीजन नजदीक है, फिर भी न लाभांडी और न फुंडहर क्षेत्र की पानी टंकी का काम पूरा हुआ न ही राइजिंग लाइन बिछाने का। काम में लेटलतीफी के चलते 50 हजार की आबादी इस गर्मी में फिर टैंकरों पर निर्भर रहेगी। अमृत मिशन के नाम पर करीब 500 करोड़ रुपए फूंके जा चुके हैं, फिर भी फंड की कमी बनी हुई है। हैरानी ये कि शहर की जनता को तीन-तीन सरकारी एजेंसियां नगर निगम, स्मार्ट सिटी कंपनी और अमृत मिशन योजना के जिम्मेदार पेयजल आपूर्ति ठीक ढंग से नहीं करा पाए हैं।
हाल ही में हुई सामान्य सभा की बैठक में कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के पार्षदों ने जलापूर्ति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। सभी ने अमृत मिशन के कामों पर सवाल उठाकर महापौर परिषद को जमकर घेरा। तिलकनगर गुढि़यारी से लेकर खम्हारडीह कचना तक अभी से पानी के लिए हाय तौबा जैसी स्थिति सामने आने लगी है। अनुमान लगाया जा सकता है कि गर्मी के दिनों में जलापूर्ति सिस्टम का क्या रहेगा। क्योंकि शहर के कई क्षेत्रों में अभी से कम प्रेशर से पानी नलों में पहुंचने की समस्या बनी हुई है। डंगनिया पानी टंकी से अमृत मिशन के तहत सप्लाई सिस्टम हाफ रहा है। खम्हारडीह क्षेत्र में बोरवेल कराने की नौबत है। जबकि लागातार 24 घंटे पानी देने के वादे किए जाते रहे हैं। फिर भी शहर की जनता को पानी के लिए तरसना पड़ता है। क्योंकि समय रहते निगम प्रशासन चेतने को तैयार नहीं।
कमांड एरिया को लेकर खींचतान
फाफाडीह क्षेत्र पार्षद एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष सूर्यकांत राठौर का कहना है कि अमृत मिशन योजना की कोई मॉनिटरिंग नहीं की गई। अभी भी काम अधूरा है और ठेकेदार का 20 करोड़ भुगतान बकाया है। उनके वार्ड में ही कमांड एरिया को लेकर मनमानी तरीका अपनाया गया। इसलिए पेयजल समस्या गहराने का अंदेशा है। टंकियों से सही तरीके से सप्लाई कनेक्शन ही नहीं किया गया है। योजना के जिम्मेदार गूगल मैप देखकर इतनी बड़ी योजना को अंजाम देने का काम किए हैं।
159 करोड़ का प्रस्ताव भेजा है
अमृत मिशन योजना के तहत पहले चरण का काम लगभग पूरा हो गया है। दो टंकियों लाभांडी और फुंडहर पानी टंकी का पूरा काम अधूरा है। इन दोनों टंकियों की राइजिंग लाइन बिछाई जानी है। जहां-जहां प्रेशर कम होने की शिकायतें हैं , उसे ठीक कराया जा रहा है। पेयजल आपूर्ति के लिए 159 करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।
- अंशुल शर्मा, कार्यपालन अभियंता, अमृत मिशन योजना
निगम में मनमानी
महापौर परिषद की कार्यप्रणाली की वजह से शहर की िस्थति चिंताजनक है। पिछले पंद्रह वर्षों से टैंकर मुक्त करने का दावा किया जाता रहा है, लेकिन लोगों को पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। गर्मी को देखते हुए सभी पार्षदों ने सामान्य सभा में मुद्दा उठाकर सचेत किया है।
- मीनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम