शाम / रात में गरज-चमक के साथ वर्षा होने संभावना है।
रायपुर. शहर में मानसून को दस्तक दिए करीब 10 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक ठीक से बारिश नहीं हुई है। अब तो आषाढ़ माह भी शुरू हो गया है। लेकिन अभी तक शहरवासियों को आषाढ़ की झड़ी तक नसीब नहीं हुई है। शहर में पिछले एक सप्ताह में यानी आषाढ़ शुरू होने के बाद मात्र 24.9 मिमी ही बारिश हुई है। यानी तीन सेमी तक बारिश भी नहीं हुई है। इधर मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के साथ साथ अन्य 16 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
मौसम विभाग के अनुसार 5-7 जुलाई को कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, गुजरात, मराठवाड़ा, तेलंगाना, तटीय और उत्तर कर्नाटक में भारी बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, रायलसीमा, तटीय आंध्र प्रदेश और भीतरी कर्नाटक में गरज-चमक के साथ तूफान की आशंका जाहिर की गई है।
मानसून राजधानी से इस कदर खफा है कि राजधानी रायपुर को छोड़ बाकी जगहों पर ठीक बरस रहा है। गुरुवार को प्रदेश के डोंगरगढ़, छिंदगढ़, भैरमगढ़ में 5-5 सेमी, दुर्ग में 4 सेमी, गुंडरदेही, खैरागढ़, छुरिया, भोपालपट्टन में 3-3 सेमी, अंबागढ़, वाड्रफनगर, बकावंड, कोंटा में दो-दो सेमी बारिश हुई। जबकि अनेक स्थानों पर एक सेमी या इससे कम बारिश हुई।बारिश नहीं होने से राजधानी के आसापास के किसानों को अब अपनी फसल के बर्बाद होने की चिंता सताने लगी है। इधर, राजधानी में बारिश नहीं होने से दिन में उमस से लोग परेशान हो रहे हैं।
5 जुलाई 5.5 मिमी
मौसम विभाग ने एक चक्रवाती घेरा दक्षिण ओडिशा और समीपवर्ती क्षेत्र के ऊपर 4.5 किमी तथा 4.8 किमी ऊंचाई पर होने कारण प्रदेश में एक-दो स्थानों पर शुक्रवार को भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं राजधानी में आकाश सामान्यत: मेघमय रहेगा। शाम / रात में गरज-चमक के साथ वर्षा होने संभावना है।