
Swami Atmanand School: स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट इंग्लिश/हिन्दी विद्यालयों (सेजेस) में सत्र 2024-25 में प्रवेश प्रक्रिया में भारी गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है। 10 मई तक विद्यालयों में प्रवेश के लिए आवेदन मंगाए गए थे और इसके बाद स्कूलों में पहली से लेकर 12वीं कक्षा तक प्रवेश के लिए आवेदन अधिक आने पर लॉटरी निकालकर बच्चों के लिस्ट जारी की जा रही है। लेकिन लॉटरी निकालने मेें भारी अनियमितता की शिकायतें मिल रही है। पहली सबसे बड़ी गड़बड़ी यह है कि लॉटरी के समय अभिभावकों को बुलाया नहीं जा रहा है और उनके सामने लॉटरी नहीं निकाली जा रही है। इसके अलावा जो लिस्ट निकाल रहे हैं, उसमें पिता का नाम तो है, लेकिन उनके बेटे-बेटी का नाम गायब है। इससे कई पालक परेशान हैं और उनकी समझ में यह नहीं आ रहा कि लिस्ट में उनका नाम कैसे आया और बच्चे का नाम कैसे गायब हो गया।
Swami Atmanand School: एक पालक ने पत्रिका को राजधानी के स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी उत्कृष्ट विद्यालय त्रिमूर्तिनगर 8वीं कक्षा के लिए लॉटरी सिस्टम से निकाले लिस्ट को दिखाते हुए बताया कि लिस्ट में उनका नाम है, जबकि उनके बच्चे का नाम गायब है। लॉटरी निकालते समय स्कूल प्रबंधन ने किसी भी पालक का नहीं बुलाया। लिस्ट में केवल एक नाम में गड़बड़ी नहीं, लगातार छह-सात बच्चों के पिता के नाम गलत लिखे हैं। साहू बच्चे के पिता के सरनेम में निर्मलकर लिखा है, वहीं किसी देवांगन बच्चे की पिता के सरनेम में साहू लिखा है। इतनी बड़ी गड़बड़ी होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन मानवीय गलती कहकर अपना पल्ला झाड़ रहा है। जबकि, पालक लिस्ट में अपना नाम देख और बच्चे का नाम गायब होने से परेशान और हैरान हैं।
कई पालकों ने पत्रिका से यह भी शिकायत की है कि गरीबों के बच्चों के लिए खोले गए निशुल्क आत्मानंद स्कूल अब आम नहीं, खास के लिए हो गए हैं। स्कूलों में नेता, बड़े-बड़े अधिकारी और जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों तक पहुंच रखने वालों के बच्चों को प्रवेश में प्राथमिकता दे रहा है। लॉटरी के नाम पर गरीबों से खिलवाड़ हो रहा है। उनके बच्चों के नाम ही लिस्ट में नहीं जारी किए जा रहे हैं। जबकि, नेता, कलेक्टर और अधिकारियों के पत्र लेकर पहुंचने वालों के बच्चों के नाम लिस्ट में शामिल हैं।
Swami Atmanand School: पत्रिका ने आत्मानंद स्कूलों में प्रवेश को लेकर हुई गड़बड़ी की जानकारी व शिकायत के संबंध जब जिला शिक्षा अधिकारी के पास फोन लगाया, तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। आत्मानंद स्कूल के समन्वयक से फोन पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने भी फोन रिसीव नहीं किया। इस मामले में अधिकतर अधिकारी जवाब देने से बचते नजर आए।
प्राचार्य कीर्ति सोनी का कहना है कि स्कूल के स्टॉफ से लिस्ट की प्रिंट निकालने में गलती हो गई। उसे सुधार लिया गया है। मानवीय गलती थी। बाकी सब प्रवेश प्रक्रिया ठीक से की गई है।